तेल अवीव, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और इजरायल ने गुरुवार को यूपीआई के क्रॉस-बॉर्डर (सीमापार) इस्तेमाल के लिए समझौता किया। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल और वित्तीय साझेदारी मजबूत होगी।
इस साझेदारी के तहत, यूपीआई इजरायल के घरेलू पेमेंट फ्रेमवर्क से जुड़ेगा। इससे डिजिटल लेनदेन अधिक तेज और किफायती होंगे।
अपने इजरायली दौरे के दूसरे और अंतिम दिन इस समझौते पर साइन करने के बाद पीएम मोदी ने कहा, “मुझे खुशी है कि इजरायल में यूपीआई के उपयोग के लिए एक समझौता हो गया है।”
इससे दोनों देशों के व्यवसायों को सरल सीमा पार भुगतान से लाभ होने की उम्मीद है, जिससे लेनदेन की लागत और निपटान का समय कम हो जाएगा।
पीएम ने आगे कहा, “हमने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज पार्टनरशिप स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजीज और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।”
पीएम ने आगे कहा,“हम नागरिक परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में अपने काम को आगे बढ़ाएंगे। साथ मिलकर, हम भविष्य के लिए तैयार कृषि समाधान विकसित करेंगे। हम उत्कृष्ट गांवों के निर्माण पर काम करेंगे।”
यूपीआई इकोसिस्टम ने साबित कर दिया है कि समावेशन और व्यापकता साथ-साथ चल सकते हैं और एक “सार्वजनिक, अंतरसंचालनीय मॉडल निजी नेटवर्क से बेहतर साबित हो सकता है।”
यूपीआई का इस्तेमाल वर्तमान में आठ से अधिक देशों संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर में हो रहा है।
भारत के वित्त मंत्रालय द्वारा कराए गए एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, यूपीआई भुगतान का सबसे पसंदीदा माध्यम बनकर उभरा है, जो भारत में कुल भुगतान लेनदेन का 57 प्रतिशत है, और यह नकद लेनदेन (38 प्रतिशत) से आगे निकल गया है। इसका मुख्य कारण उपयोग में आसानी और इंस्टेंट मनी ट्रांसफर की क्षमता है।
65 प्रतिशत से अधिक यूपीआई यूजर प्रति दिन स्वेदशी प्लेटफॉर्म कई लेनदेन करते हैं।

