लखनऊ, 27 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इतने वर्षों तक सत्ता में रहे, लेकिन अफसोस की बात यह है कि आज तक उन्होंने सूबे की जनता के हित के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अगर उठाया होता, तो आज ऐसी स्थिति नहीं होती।
उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर आज की तारीख में हमारी सरकार प्रदेश में निवेश का मार्ग प्रशस्त कर रही है, तो इन लोगों को दिक्कत क्या हो रही है? इन लोगों को तो सामने आकर यह बताना चाहिए कि हमने अपने शासनकाल में इतने करोड़ का निवेश प्रदेश में किया। हमने अपने शासनकाल में प्रदेश में विकास के कार्य को तीव्र करने का काम किया, लेकिन, अफसोस की बात है कि इन लोगों के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है और आज की तारीख में जब हमारी सरकार प्रदेश के लोगों के हित के लिए काम कर रही है, तो ये लोग आपत्ति जता रहे हैं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि आज की तारीख में हम प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमारे मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से जो भी वादे किए हैं, हम उसे पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इन वादों को पूरा करने की दिशा में हमारी तरफ से किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। हमारी लक्ष्य हमेशा से ही प्रदेश में विकास की गति को तेज करना है।
अविमुक्तेश्वरानंद ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है। इस पर भी मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सभी लोगों को न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने का पूरा अधिकार है। इससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अगर वो अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं, तो ये उनका अधिकार है। सभी लोगों को न्याय पाने का पूरा अधिकार है।
केशव प्रसाद मौर्य को भी यूके जाना था, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल पाया। इस पर भी मंत्री संजय निषाद ने कहा कि भारत को सशक्त बनना चाहिए। अगर एक बार भारत सशक्त बन गया, तो सभी लोगों की दादागिरी खुद ब खुद खत्म हो जाएगी।
उमाशंकर के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी मंत्री संजय निषाद ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सभी जांच एजेंसियों को कार्रवाई का पूरा हक है। इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन हमें कभी-कभी ऐसे मामलों में मानवीय पहलू का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष की दयनीय दशा पर कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों को प्रदेश की जनता ने अब पूरी तरह से खत्म कर दिया है, इसलिए अब ये लोग अपने अस्तित्व को जिंदा रखने के लिए किसी ना किसी मुद्दे पर बयानबाजी करते हैं, जिसे मैं समझता हूं कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अब अगर विपक्ष दल जनता के बीच में बने नहीं रहेंगे, तो उन्हें पूछेगा कौन? ये लोग अब सूबे में बने रहने के लिए इस तरह की टिप्पणी करते हैं, जिसे मैं समझता हूं कि गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

