पणजी, 27 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने ‘नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सार्थक बनाने की दिशा में इसमें समाज के कई गणमान्य लोग शामिल हुए, जिसमें प्रमुख रूप से युवा और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं।
उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस तरह का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान को मूर्त रूप देने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा, जिसमें उन्होंने साल 2020 में कहा था कि भारत को नशा मुक्त बनाकर रहेंगे। हम नहीं चाहते हैं कि भारत का कोई भी युवा नशे में लिप्त पाया जाए। इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि हमारे राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत और सामाजिक कल्याण मंत्री सहित अन्य अधिकारियों ने जिस तरह का योगदान दिया, उसी के बलबूते आज इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन हो सका। हम इस तरह के कार्यक्रम का स्वागत करते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में इस तरह के कार्यक्रम के जरिए हमारे समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिससे प्रदेश में चौतरफा विकास की बयार भी बहेगी।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह फैसला किया गया था कि महज संवेदनशील जिलों में ही इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। लेकिन, आगे हमने परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए राज्य के सभी जिलों में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन का फैसला किया, क्योंकि हमें पूरा विश्वास था कि इस तरह के कार्यक्रम से हमें आगामी दिनों में अपने समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा और ध्यान देने वाली बात यह है कि मौजूदा समय में इस तरह का परिवर्तन हमें देखने को भी मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ तालमेल स्थापित करके सभी जिलों में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न तबके के लोग शामिल हो रहे हैं। यह कार्यक्रम हमारे लिए काफी सार्थक साबित होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अभी तक इस संबंध में जारी किए गए जागरूकता अभियान में 25 करोड़ से भी ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं, जिसे मैं समझता हूं कि हमें सकारात्मक दृष्टि से देखने की आवश्यकता है। 9 करोड़ से अधिक युवा और 5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं। इसके अलावा, 16 लाख से अधिक शैक्षिक संस्थानों में इस तरह की गतिविधियां संलाचित की जा रही हैं, जिसके जरिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें चित्र प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिता के जरिए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि इससे आगामी दिनों में हमें धरातल पर सकारात्मक स्थिति देखने को मिलेगी।

