बुरहानपुर में दो दिवसीय ‘आजीविका होली मेला’ का आयोजन, हर्बल गुलाल बनाकर बेच रही दीदियां

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बुरहानपुर, 27 फरवरी (आईएएनएस)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित मध्य प्रदेश स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन द्वारा ग्रामीण महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय ‘आजीविका होली मेला’ का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को पुराने अनुविभागीय कार्यालय (एसडीएम ऑफिस) में किया गया है।

मेले में आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल गुलाल, फूलों से बने प्राकृतिक रंग और अन्य घरेलू उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री की जा रही है। बड़ी संख्या में जिलेवासी मेले में पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं।

महिला उद्यमियों ने बताया कि वे प्राकृतिक और केमिकल मुक्त रंग तैयार कर रही हैं, जिससे त्वचा को कोई नुकसान नहीं होगा।

महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

आजीविका मिशन से जुड़ी दुकानदार महिला जैनू तड़वी का कहना है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने हमें अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब हम इतने सक्षम हैं कि हमें सहारे की जरूरत नहीं है। हमने इस मेले में अपनी स्टॉल लगाई है। हर्बल गुलाल, खाद आदि हम बनाते हैं। ये सब केमिकल मुक्त हैं।

रजनी वर्मा ने बताया कि हम पहले घर पर बैठते थे, कोई काम नहीं था, लेकिन अब हम हर्बल रंग बनाकर बेच रहे हैं। इससे हमें रोजगार मिल रहा है और पहचान भी मिल रही है। फूलों से हमने केमिकल-मुक्त रंग बनाए हैं, जिससे नुकसान नहीं होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समूह को मैं धन्यवाद देती हूं।

बुरहानपुर की आजीविका मिशन जिला अधिकारी तवती खलको का कहना है कि हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की मंशा है। उसी के परिप्रेक्ष्य में ‘आजीविका होली मेला’ का आयोजन किया गया है, जिसमें समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा हर्बल गुलाल, पिचकारी और अन्य उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। मिशन से जुड़ी दीदियां मेहनत कर रही हैं, उन्हें लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल कराना ही हमारा लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि होली के दौरान केमिकलयुक्त गुलाल लगाने से त्वचा को नुकसान पहुंचता है, लेकिन हमारी दीदियों ने पलाश, गेंदे और गुलाब के फूलों से गुलाल बनाया है, जो नुकसानदायक नहीं है।