रांची, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड राज्य हाउसिंग बोर्ड ने रांची स्थित एक आवासीय भूखंड के कथित व्यावसायिक उपयोग के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बोर्ड ने उनसे 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, हरमू हाउसिंग कॉलोनी में एचआईजी-10/ए नामक प्लॉट केवल आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित किया गया था। हाल में मिली जानकारी के आधार पर दावा किया गया है कि उक्त परिसर से एक पैथोलॉजी लैब संचालित की जा रही है। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है तो इसे आवंटन की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
हाउसिंग बोर्ड के नियमों के तहत आवासीय श्रेणी में आवंटित प्लॉट, मकान या क्वार्टर का किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि के लिए उपयोग प्रतिबंधित है। हालांकि बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि नोटिस का उद्देश्य तथ्यों की पुष्टि करना और आवंटन शर्तों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करना है।
उल्लेखनीय है कि धोनी को यह भूखंड वर्ष 2006 में राज्य सरकार के विशेष निर्णय के तहत उपहारस्वरूप प्रदान किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला लिया था। 23 फरवरी 2006 को जारी आदेश के तहत करीब 5,002 वर्ग फुट क्षेत्रफल का प्लॉट आवंटित किया गया।
बाद में धोनी ने समीप की अतिरिक्त जमीन खरीदकर कुल लगभग 10 डिसमिल क्षेत्र में आवास का निर्माण कराया। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हाल के समय में आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों की समीक्षा की जा रही है और जहां भी नियमों के उल्लंघन की आशंका है, वहां नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
इसी प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया गया है। धोनी वर्तमान में हरमू स्थित आवास में नहीं रहते हैं। उन्होंने रांची के रिंग रोड क्षेत्र में अपना फार्म हाउस बनाया है और शहर में प्रवास के दौरान वहीं निवास करते हैं।

