मथुरा: ब्रज की होली को बदनाम करने वालों पर सख्ती, पुराने वीडियो परोसने वालों पर पुलिस का शिकंजा

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मथुरा, 28 फरवरी (आईएएनएस)। ब्रज की विश्वविख्यात होली की भव्यता और पवित्रता को सोशल मीडिया के माध्यम से कलंकित करने की कोशिश करने वालों पर अब पुलिस की सख्त नजर है। बरसाना की लठामार होली और वृंदावन की रंगभरनी एकादशी से जुड़े कई वर्ष पुराने विवादित वीडियो को ताजा बताकर वायरल करने वाले यू-ट्यूबर्स गिरोह पर मथुरा पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

दरअसल, बीते कुछ दिनों से यू-ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे, जिनमें महिलाओं के साथ अभद्रता या जबरन रंग डालने की घटनाएं दिखाई गई हैं। जांच में सामने आया है कि ये वीडियो पुराने हैं जिन्हें जानबूझकर इस समय वायरल किया गया, ताकि धार्मिक नगरी की छवि धूमिल की जा सके और सस्ती लोकप्रियता बटोरी जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर साइबर सेल और आईटी टीम को सक्रिय कर दिया गया है।

पुलिस उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनलों की पहचान कर रही है, जिन्होंने पुराने वीडियो को नए घटनाक्रम के रूप में प्रस्तुत कर सनसनी फैलाने का प्रयास किया। एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि ब्रज की होली आस्था, परंपरा और उल्लास का पर्व है। इसे फर्जी प्रचार और सस्ती लोकप्रियता का माध्यम बनाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भ्रामक और भड़काऊ कंटेंट पोस्ट करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की आईटी टीम 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही है और ऐसे लिंक, प्रोफाइल व चैनलों की सूची तैयार की जा रही है, जो पुराने और भ्रामक वीडियो को नए रूप में पेश कर रहे हैं। साथ ही, पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी वीडियो या पोस्ट को साझा न करें, ताकि अफवाह और दुष्प्रचार को रोका जा सके।

एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि ये काफी पुराने हैं और इन्हें जानबूझकर शेयर करके ब्रज की होली की छवि खराब करने और भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। ऐसा सस्ती लोकप्रियता हासिल करने या गलत मकसद से किया जा रहा है। एसपी देहात ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे सभी सोशल मीडिया हैंडल/अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और संबंधित अभियोग दर्ज किए जा रहे हैं।