शेखपुरा, 28 फरवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार के ‘सम्पूर्णता अभियान 2.0’ के तहत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शनिवार को सर्वा पंचायत की आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 156 में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह अभियान आकांक्षी जिला और आकांक्षी प्रखंडों में फरवरी से अप्रैल तक चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण के प्रति आम लोगों को जागरूक और संवेदनशील बनाना है।
कार्यक्रम में सर्वा पंचायत की जनप्रतिनिधि मुन्नी कुमारी, उप विकास आयुक्त शेखपुरा, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), डीपीएम जीविका, प्रखंड विकास पदाधिकारी बरबीघा, अंचल अधिकारी बरबीघा, बरबीघा रेफरल अस्पताल के प्रभारी और सीडीपीओ बरबीघा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका मकसद मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी की पहचान, पोषण सेवाओं की नियमितता और आंगनबाड़ी केंद्रों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और छह माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर माताओं को गर्भावस्था और शिशु देखभाल से जुड़ी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रह सके। छह वर्ष तक के बच्चों को पढ़ाई की किट वितरित की गई। किशोरियों को पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में बताया गया तथा उन्हें माहवारी स्वच्छता किट भी प्रदान की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित किशोरियों की एनीमिया जांच की और आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और संतुलित आहार लेने पर विशेष जोर दिया गया। खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को सचेत किया गया और शौचालयों के नियमित उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को संबोधित करते हुए बताया कि केवल पौष्टिक भोजन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित वातावरण और नियमित व्यायाम भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव माताओं और किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य पर टिकी होती है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

