मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 33 मातृत्व एंबुलेंस को दिखाई हरी झंडी, पूर्वोत्तर राज्यों ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में लिया हिस्सा

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इंफाल, 28 फरवरी (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को राज्य के सभी 16 जिलों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 33 मातृत्व समर्पित एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन एंबुलेंस को उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के वित्तीय सहयोग से उपलब्ध कराया गया है और इन्हें स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, मणिपुर द्वारा क्रय किया गया है। इसका उद्देश्य राज्यभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री ने इंफाल पूर्व जिले स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) में 14 वर्षीय बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु आयोजित राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में भी भाग लिया।

यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर से वर्चुअल माध्यम से देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जेएनआईएमएस में पंजीकरण काउंटर, टीकाकरण कक्ष और ऑब्जर्वेशन रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों और लाभार्थियों से बातचीत की तथा एचपीवी वैक्सीन लेने वाली एक बालिका को टीकाकरण प्रमाणपत्र सौंपा। इसके अलावा उन्होंने संस्थान परिसर की आंतरिक सड़कों और आधारभूत ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश की बेटियों के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान को निवारक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करना है।

एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमावायरस संक्रमण से बचाव करती है, जो सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। यह टीका 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को अभियान मोड में एकल खुराक के रूप में दिया जा रहा है।

इस बीच मिजोरम में राज्य की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री लालरिनपुई ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार की पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिजोरम में प्रति लाख आबादी पर कैंसर के मामले देश में सबसे अधिक हैं, जो चिंताजनक है।

उन्होंने बताया कि टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई के निदेशक ने अवलोकन किया है कि मिजो समुदाय में कैंसर के अधिक मामलों का संबंध अत्यधिक तंबाकू सेवन, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और खराब खानपान की आदतों से है।

मंत्री ने कहा कि शोध के अनुसार धूम्रपानयुक्त और प्रसंस्कृत मांस, पोर्क फैट का अधिक सेवन तथा तंबाकू का व्यापक उपयोग राज्य में कैंसर के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम है, जिसके बाद सर्वाइकल कैंसर का स्थान आता है।

उन्होंने यह भी कहा कि 99.7 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामले एचपीवी संक्रमण के कारण होते हैं और इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराना सराहनीय कदम है।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों ने भी राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान में भाग लिया।