ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के खिलाफ रांची में विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय के लोग सड़क पर उतरे

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रांची, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली सैन्य हमलों के विरोध में रविवार को राजधानी रांची में दो अलग-अलग स्थानों पर व्यापक प्रदर्शन किए गए। शिया समुदाय और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने प्रदर्शनों के दौरान ईरान पर हमलों की निंदा की तथा वैश्विक शांति बनाए रखने की अपील की।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की झारखंड इकाई के आह्वान पर चर्च रोड स्थित जाफरिया मस्जिद से कर्बला चौक तक विरोध मार्च निकाला गया। जुलूस में शामिल लोगों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में नारे लगाए और उनकी तस्वीरें हाथों में लेकर प्रदर्शन किया।

मस्जिद में जुहर की नमाज के बाद इमाम मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि खामेनेई केवल शिया समुदाय के नेता नहीं, बल्कि मुस्लिम उम्मत की एकता के प्रतीक थे। उन्होंने हमले को न केवल ईरान बल्कि समूचे इस्लामी जगत की अस्मिता पर आघात बताया।

वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सैन्य हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाते हैं और निर्दोष नागरिकों के जीवन को खतरे में डालते हैं। जुलूस के दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की गई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की गई। दूसरी ओर, अल्बर्ट एक्का चौक पर झारखंड जनाधिकार महासभा, भाकपा (माले) लिबरेशन, भाकपा (मार्क्सवादी), भाकपा और अन्य संगठनों के बैनर तले नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन किया।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल पश्चिम एशिया में सामरिक वर्चस्व कायम करने के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ईरान पर हमला उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने फिलिस्तीन के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती हिंसा वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती है।

प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति और संवाद की पहल का समर्थन करे। इस दौरान “युद्ध बंद करो”, “ईरान पर हमला बंद करो,” और “फिलिस्तीन के साथ एकजुटता” जैसे नारे लगाए गए। दोनों स्थानों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती रही।