नोएडा: पुलिस की बड़ी कामयाबी, 111 खोए स्मार्टफोन मालिकों को लौटाए

0
7

नोएडा, 2 मार्च (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में, अपर पुलिस उपायुक्त आर.के. गौतम और सहायक पुलिस आयुक्त प्रथम उमेश यादव के निकट पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल सेंट्रल नोएडा तथा थाना फेस-2 पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 111 गुम हुए कीमती स्मार्टफोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये सभी मोबाइल फोन अलग-अलग कंपनियों के थे, जो भीड़-भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य स्थानों पर खो गए थे। इन मोबाइल फोनों को सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से ट्रेस किया गया।

उल्लेखनीय है कि पोर्टल के माध्यम से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने की सुविधा मिलती है, जिससे पुलिस को उन्हें बरामद करने में मदद मिलती है। सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों के आधार पर पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर मोबाइल फोनों का पता लगाया। बरामद मोबाइल फोन 2 मार्च को उनके मालिकों को सौंपे गए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

जांच में सामने आया कि अधिकांश मोबाइल फोन भीड़-भाड़ वाले बाजारों, सब्जी एवं फल मंडियों और साप्ताहिक बाजारों में खरीदारी के दौरान नीचे झुकने या बैठने पर गिर गए थे। कुछ मोबाइल फोन यात्रा के दौरान ऑटो, टैक्सी, बस और मेट्रो ट्रेन में छूट गए थे। वहीं, कई मामलों में लोग बाइक चलाते समय मोबाइल को लोअर या पायजामे की जेब में रख लेते थे, जो स्पीड ब्रेकर आने पर गिर जाते थे।

इसके अलावा, सार्वजनिक पार्कों में खेलते या व्यायाम करते समय, शादियों में बारात के दौरान नृत्य करते हुए, बड़े आयोजनों और धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों में भी मोबाइल फोन छूटने की घटनाएं सामने आईं। कुछ मामलों में शराब के नशे में भी मोबाइल फोन गिरने या कहीं छूटने की बात सामने आई। बच्चों द्वारा गेम खेलते समय मोबाइल कहीं छोड़ देने के मामले भी शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल और कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें तथा मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने या पोर्टल पर सूचना दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर उन्हें बरामद किया जा सके।