मथुरा, 3 मार्च (आईएएनएस)। आज देश भर में दोपहर पश्चात होने वाले ग्रहण को लेकर उत्सुकता के साथ संशय का भी वातावरण है। हालांकि भारत में इस ग्रहण की दृश्यता आंशिक रहेगी, किंतु ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वैश्विक पटल पर इसके प्रभाव संवेदनशील माने जा रहे हैं।
मथुरा के ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी के अनुसार, एक ही माह में दो ग्रहणों का योग आंतरिक अशांति और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध जैसी स्थितियों को और अधिक जटिल बना सकता है।
चंद्र ग्रहण के बारे में आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने आईएएनएस से कहा, “3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण है। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में यह दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 तक चलेगा। चूंकि यह ग्रस्तोदय ग्रहण है, इसलिए यह उन क्षेत्रों में दिखाई देगा जहां सूर्य लगभग 4 से 4 बजकर 30 मिनट तक अस्त होता है, लेकिन मध्य या पश्चिमी भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
ग्रहण के प्रभाव पर बात करते हुए आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि भारत पर ग्रहण का प्रभाव कम होगा क्योंकि भारत की राशि धनु है और ग्रहण सिंह राशि पर लगा है, वो भी मघा नक्षत्र। मघा नक्षत्र में लगा ग्रहण प्राकृतिक पर गहरा प्रभाव डालता है। यह ग्रहण सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में आक्रोश की स्थिति पैदा करेगा। इसके साथ ही एक मास में दो ग्रहण भी पड़े हैं जो बिल्कुल भी अच्छे संकेत नहीं देते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि 15 दिन पहले सूर्य ग्रहण और अब चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, ऐसे में कहा जाता है, ‘एक मास दो गहना, राजा मरे या सेना।’ इसका प्रभाव मीडिल ईस्ट में देखने को मिल रहा है। ईरान का इतना बड़ा और सुरक्षित व्यक्ति मारा गया। यह ग्रहण और ग्रहों का प्रभाव है। भारत में सिंह राशि में लगने वाला ग्रहण ग्रोथ देगा लेकिन आतंरिक कलह को भी बढ़ाएगा। इसलिए हमारी सरकार को आतंरिक कलह के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए।
वहीं चंडीगढ़ के पुजारी राम सागर मिश्रा का भी कहना है कि ग्रहण में सावधानी बरतने की जरूरत है। भले ही भारत में इसका प्रभाव कम होगा लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा और देश में कई तरह की घटनाएं और आपदा आ सकती हैं। ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए राम सागर मिश्रा ने दान करने का सलाह दी है। आज पूरे देश में मूर्ति पूजन वर्जित है।

