नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर अन्य दलों ने उन पर निशाना साधा है और उनके इस कदम को जनता से धोखा करार दिया है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “नीतीश कुमार जनता के साथ विश्वासघात करने जा रहे हैं। वे आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी) के कारण नेता बने, लेकिन पिछले 20 वर्षों में उन्होंने उन्हें कुछ नहीं दिया, सिर्फ जनता को ठगा है। नीतीश कुमार ने यूनिर्वसिटी और कॉलेज नहीं बनवाए, स्पेशल कोटा पूरा नहीं किया, स्पेशल ड्राइव भी करवाया। एक मुख्यमंत्री का राज्यसभा सदस्य बनने का कोई औचित्य नहीं हैं। नीतीश कुमार को राज्यसभा मेंबर बनने के बाद कोई नहीं पूछेगा। ये फैसला आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के साथ धोखा देने वाला है।
नेपाल में 2026 में होने वाले आम चुनाव पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, भारत के पड़ोसी देशों में लोकतंत्र कायम रहना चाहिए। लोकतंत्र में संवाद और चर्चा संभव है, लेकिन तानाशाही या अराजकता की स्थिति में आप किससे बात करेंगे? सभी दलों को मौका मिलना चाहिए। नेपाल को लोकतंत्र की सख्त जरूरत है।”
वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने नीतीश कुमार की राज्यसभा उम्मीदवारी पर कहा, “विपक्ष पहले से कह रहा था कि भाजपा बैकडोर से बिहार की सत्ता हासिल करना चाहती है। बिहार में नीतीश कुमार के नाम पर सरकार बनी थी, लेकिन अब भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। यह चिंता का विषय भी है, क्योंकि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां विकास की बजाय सांप्रदायिक माहौल बिगड़ रहा है।
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन करने की खबरों पर मुहर लगा दी है। नीतीश कुमार ने लिखा है, “संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।”

