पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति का अपमान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : सम्राट चौधरी

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पटना, 8 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि जिस तरह से बंगाल में माननीय राष्ट्रपति का महिला दिवस के अवसर पर अपमान किया गया, वह निंदनीय है। महिला दिवस पर मैं देशभर की सभी बहनों को शुभकामनाएं देता हूं। वहीं, जिस तरह से ममता बनर्जी की सरकार ने बंगाल में राष्ट्रपति का अपमान किया गया, एक महिला का अपमान किया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लेकर ममता बनर्जी की टिप्पणियों पर कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति से संबंधित घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति गई थीं तो प्रोटोकाल के हिसाब से मुख्यमंत्री को स्वयं आना चाहिए था या तो किसी वरिष्ठ मंत्री को भेजना चाहिए था। उन्होंने प्रोटोकाल का पालन नहीं किया। जहां आदिवासी सम्मेलन होना था, उस जगह को भी जानबूझकर बदल दिया गया और सभास्थल को छोटा कर दिया ताकि वो सभा नहीं हो पाए। राष्ट्रपति के प्रति ऐसा दुराग्रह रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। बंगाल की जनता बहुत करीब से यह सब देख रही है, ये सब करके आप (ममता) सत्ता में बनी नहीं रह सकती हैं।

बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रपति के संवैधानिक पद के अनुरूप व्यवस्थाओं में हुई कोई भी चूक दुर्भाग्यपूर्ण है। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि राष्ट्रपति का पद हमारे गणतंत्र का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और इसे हमेशा वह गरिमा, प्रोटोकॉल और सम्मान मिलना चाहिए जिसका यह हकदार है। उन्होंने लिखा था कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के संवैधानिक पद के अनुरूप व्यवस्थाओं में हुई कोई भी चूक दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति के पद की गरिमा को हमेशा बनाए रखना चाहिए और राष्ट्र के सर्वोच्च पद को उचित सम्मान देना चाहिए।

इस घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा था कि यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। लोकतंत्र व आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति निराश है। स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और दुख ने भारत की जनता के मन में अपार दुख पैदा कर दिया है।