नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में एक हफ्ते से ज्यादा समय से तनाव जारी है। बीते दिन सऊदी अरब के अल-खारज के रिहायशी इलाके में प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना सामने आई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 12 लोग घायल हुए। मृतकों की पहचान को लेकर यह चर्चा तेजी से हो रही थी कि इसमें एक भारतीय और एक बांग्लादेशी शामिल है। हालांकि, सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने हमले में किसी भी भारतीय के मारे जाने की खबर को गलत बताया है।
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने भारतीय की मौत को नकारते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “यह राहत की बात है कि कल शाम अल खरज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भारतीय की मौत नहीं हुई है। इस मामले में दूतावास संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है। काउंसलर (सीडब्ल्यू) वाई. साबिर कल रात अल खरज गए और इस बुरी घटना में शामिल घायल भारतीय नागरिक से मिले। उनका अभी अल खरज के एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।”
बता दें, इससे पहले अल जजीरा ने अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी थी कि सऊदी अरब के अल-खारज शहर में एक रिहायशी जगह पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक भारतीय और एक बांग्लादेशी शामिल हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पहले कहा था कि उसने अल-खारज समेत कई जगहों पर रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। अल-खारज में प्रिंस सुल्तान एयरबेस है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है। पिछले हफ्ते ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की लड़ाई में इस पर कई बार हमला हुआ है।
रविवार को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 15 ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की रिपोर्ट दी, जिसमें राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में हमले की कोशिश भी शामिल थी। इस बीच, कुवैत ने कहा कि उसके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्यूल टैंक पर हमला हुआ और बहरीन ने बताया कि एक वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है।
दूसरी तरफ यूएई अमीराती रक्षा मंत्रालय का कहना है कि देश के एयर डिफेंस ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रहे हैं। जो आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे इंटरसेप्शन का नतीजा हैं।

