पटना, 9 मार्च (आईएएनएस)। बिहार सरकार गन्ना उद्योग को लेकर बहुत गंभीर है। सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले को लेकर लगातार सोच-विचार कर रहे हैं और किसानों की समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए काम कर रहे हैं। इसी सिलसिले में कई सेमिनार और बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिसमें विशेषज्ञ और किसान दोनों की राय को शामिल किया गया। आज भी इसी दिशा में एक बड़ा कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें पूरे देश से वैज्ञानिक और एक्सपर्ट्स शामिल हो रहे हैं।
मंत्री संजय पासवान ने बताया कि इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री दिलीप जयसवाल भी मौजूद रहेंगे। यह कार्यक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें गन्ना उत्पादन से जुड़ी हर समस्या पर चर्चा होगी और यह देखा जाएगा कि किस तरह से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ वर्तमान समस्याओं को समझना नहीं है, बल्कि भविष्य की तैयारी करना भी है। बिहार में कई चीनी मिलें बंद पड़ी हैं और सरकार का लक्ष्य है कि उनको फिर से खुलवाना और नई मिलों की स्थापना करना ताकि किसानों को ज्यादा फायदा मिले और प्रदेश से पलायन को रोका जा सके। उनका कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह कदम बहुत जरूरी है।
संजय पासवान ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह गंभीर है। जो भी समस्याएं सामने हैं, उनके समाधान के लिए लगातार बातचीत और अध्ययन हो रहा है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर किसान और विशेषज्ञ दोनों सुझाव देंगे कि उत्पादन बढ़ाने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जाएं। यह सिर्फ गन्ना उद्योग के लिए नहीं, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था और किसानों की जीवनशैली सुधारने के लिए भी जरूरी है।
यह सेमिनार इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें नई तकनीक, बेहतर उत्पादन विधियां और किसानों के लिए सहूलियत के उपायों पर विस्तार से चर्चा होगी।

