प्रियंका गोस्वामी: ‘रेस वॉक’ में देश का गौरव, कभी इस वजह से दौड़ की तरफ आकर्षित हुई थीं

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नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। रेस वॉक एक ऐसी ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिता है जिसमें धावक दौड़ने के बजाय बहुत तेजी से पैदल चलते हैं। इस खेल में भारत की प्रियंका गोस्वामी ने बड़ा नाम बनाया है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को पदक दिलाया है।

प्रियंका गोस्वामी का जन्म 10 मार्च 1996 को मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। एक निम्न-मध्यवर्गीय परिवार से होने के कारण उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एथलेटिक्स में आने से पहले गोस्वामी ने कुछ महीनों तक स्कूल में जिमनास्टिक की प्रैक्टिस की। वह दौड़ने की तरफ भी इसलिए आकर्षित हुईं क्योंकि सफल धावक को इनाम के तौर पर बैग मिलते थे।

प्रियंका ने 2017 में इंडियन रेसवॉकिंग चैंपियनशिप का खिताब जीता था। फरवरी 2021 में, उन्होंने 20 किमी की रेस में इंडियन रेसवॉकिंग चैंपियनशिप जीती, जिसमें उन्होंने 1:28.45 का नया इंडियन रिकॉर्ड बनाया, और 2020 समर ओलंपिक्स के लिए क्वालिफाई किया।

गोस्वामी ने टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। टोक्यो में वह 17वें, जबकि पेरिस में 41वें स्थान पर रही थीं। प्रियंका गोस्वामी ने 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 किलोमीटर ‘रेस वॉक’ में रजत पदक जीता था। इस उपलब्धि को हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला एथलीट बनीं थीं। 2023 में बैंकॉक में हुए 20 किलोमीटर वॉक में रजत पदक जीता था, जबकि विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में 2021 में 20 किलोमीटर वॉक में कांस्य पदक जीता था।

2025 में इंसब्रुक में आयोजित ऑस्ट्रियन रेसवॉकिंग चैंपियनशिप में भारतीय रेसवॉकरों ने सराहनीय प्रदर्शन किया, जिसमें प्रियंका गोस्वामी ने 47:54 के समय के साथ महिलाओं की 10 किमी दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। प्रियंका ने स्लोवाकिया के डुडिंस्का 50 में महिलाओं की 35 किमी रेस वॉक में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 2 घंटे 56 मिनट 34 सेकंड का समय निकालकर 11वां स्थान हासिल किया था।

भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर करने के लिए प्रयासरत प्रियंका गोस्वामी भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं।