आइजोल, 9 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) ने फरवरी 2026 में मिजोरम के लिए 5,73,69,245 रुपए जारी किए हैं। यह राशि राज्य में बुनियादी ढांचा, कृषि और सार्वजनिक सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास पहलों का समर्थन करेगी।
उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह राशि पूरे उत्तर पूर्वी क्षेत्र में फरवरी में जारी 67.41 करोड़ रुपए का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को संतुलित रूप से बढ़ावा देना है।
मिजोरम में इस आवंटन के तहत समर्थित प्रमुख परियोजनाओं में से एक है ममित जिले के वेस्ट फैलेंग में एक मार्केट बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है। इससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लिए बेहतर विपणन ढांचा और अवसर उपलब्ध होंगे।
एनईसी राज्य में पोटैटो सीड फार्म (आलू बीज फार्म) के विकास को भी समर्थन दे रहा है, जिसमें टिश्यू कल्चर और एपिकल रूटेड कटिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करना और किसानों की उत्पादकता बढ़ाना है।
एक और महत्वपूर्ण परियोजना है आइजोल में एक सेंट्रल मेडिकल वेयरहाउस की स्थापना, जो राज्य में आवश्यक दवाओं और सामग्रियों के भंडारण और वितरण को बेहतर करके मेडिकल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगी।
इसके अतिरिक्त, एनईसी एक स्टेट वेटरनरी इंफॉर्मेशन एंड रिसोर्स सेंटर के निर्माण का समर्थन भी कर रहा है, जो पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और तकनीकी संसाधनों व जानकारी के प्रसार के माध्यम से पशुपालन के विकास में मदद करेगा।
वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या सहित पर्यटकों के आगमन में तेज वृद्धि के चलते, मिजोरम पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में पर्यटकों की संख्या के मामले में सबसे तेजी से ऊपर आने वाला राज्य बनकर उभरा है।
मिजोरम पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान राज्य में कुल 6,79,607 पर्यटक आए, जिनमें 6,70,001 घरेलू और स्थानीय पर्यटक तथा 9,606 विदेशी पर्यटक शामिल थे। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष के कुल पर्यटक आगमन से 29.50 प्रतिशत अधिक है, जो पर्यटन वृद्धि में उल्लेखनीय उछाल को दर्शाता है।

