बेरूत में इजरायली हमले तेज, अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को दी सतर्क रहने की हिदायत

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बेरूत, 10 मार्च (आईएएनएस)। लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने कहा है कि जो अमेरिकी नागरिक देश छोड़ने के उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उन्हें फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए।

सुरक्षा अलर्ट में नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने घर के अंदर रहें या किसी सुरक्षित इमारत में शरण लें। साथ ही उन्हें खाने-पीने का सामान, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी चीजें अपने पास रखने की भी सलाह दी गई है।

सुरक्षा अलर्ट में लिखा है कि राष्ट्रपति ट्रंप, विदेश मंत्री रुबियो और पूरे विदेश मंत्रालय के लिए अमेरिकी नागरिकों की सेफ्टी और सिक्योरिटी से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है।

इसके अनुसार, “हम अमेरिकियों को मिडिल ईस्ट से निकलने में मदद करने के लिए और विकल्पों पर काम कर रहे हैं। अधिक जानकारी या आखिरी समय में होने वाले बदलावों के लिए कृपया अपना ईमेल देखते रहें। प्रभावित इलाके में अमेरिकी नागरिकों को समय पर जानकारी और मदद देने के लिए तैयार हैं।”

इसके साथ ही कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी करते हुए अपील की गई है कि सभी अमेरिकी सतर्क रहें, स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें, और अमेरिकी दूतावास से मिली नई गाइडलाइंस पर नजर बनाए रखें। आपकी भलाई हमारी सबसे बड़ी चिंता है।

यह चेतावनी ऐसे समय जारी की गई है जब इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच लड़ाई तेज हो गई है। लेबनान सरकार के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में हुई हिंसा के कारण पांच लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

वहीं, मंगलवार को आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह के साथ लड़ाई के बीच आम लोगों को दक्षिणी लेबनान खाली करने की चेतावनी दोहराई है।

सेना के प्रवक्ता कर्नल अविचाय एड्रई ने कहा, “हिज्बुल्लाह की आतंकी गतिविधियों की वजह से आईडीएफ को इलाके में उसके खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।”

उन्होंने कहा, “हवाई हमले जारी हैं क्योंकि आईडीएफ इलाके में बहुत ताकत से काम कर रही है। इसलिए, आपकी सुरक्षा के लिए, हम एक बार फिर गुजारिश करते हैं कि आप तुरंत अपने घर खाली कर दें और लिटानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएं।”

यह चेतावनी सबसे पहले आईडीएफ ने बुधवार (4 मार्च) को जारी की थी और इसे कई बार दोहराया जा चुका है। सेना का अनुमान है कि अब तक 5,00,000 से ज्यादा लेबनानी दक्षिणी लेबनान में अपने घर खाली कर चुके हैं।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनीसेफ ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके अनुसार लेबनान में अब तक करीब 83 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 254 बच्चे घायल हुए हैं।

यूनीसेफ ने बताया कि सैन्य संघर्ष का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है, जिनकी जान और सुरक्षा खतरे में हैं। ये बच्चे और बुनियादी जरूरतों से भी महरूम हैं।

संस्था ने सभी पक्षों से आग्रह किया है कि बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाए और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करते हुए पालन किया जाए।

यूनीसेफ ने चेताया है कि अगर हिंसा जारी रही तो बच्चों की मौत और घायलों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। मानसिक तौर पर भी उन्हें काफी आघात पहुंचा है। जंग की वजह से बड़ी संख्या में बच्चे पहले ही मानसिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।