तिरुवनंतपुरम, 10 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों के मौसम में हीट वेव और उससे जुड़ी आपदाओं से निपटने के लिए केरल सरकार ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी को हीट वेव से बचाव के कामों के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों में सूखा, पीने के पानी की कमी, बिजली गिरना, जंगली जानवरों के हमले, गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं और आग जैसी आपदाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में यह भी फैसला किया गया कि हीट वेव से निपटने के लिए जिला स्तर पर तैयारी और मीटिंग आयोजित की जाए। कोझिकोड जिले की मूडी ग्राम पंचायत ने इस दिशा में एक लोकल हीट एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसे एक मॉडल के रूप में पूरे राज्य में अपनाने की सलाह दी गई है। सभी स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं को इसी मॉडल के आधार पर अपने क्षेत्र के लिए हीट एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़े और प्रभावशाली पब्लिक कैंपेन चलाने की योजना बनाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की लीडरशिप में विशेष हीट क्लीनिक शुरू किए जाएंगे, ताकि लू और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का तुरंत इलाज संभव हो सके। सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में लू लगने की स्थिति में फर्स्ट एड सुविधाओं को तैयार रखा जाएगा। इसके साथ ही बड़े बाजारों, चौराहों और बस स्टैंड जैसी जगहों पर पानी के पवेलियन बनाए जाने की योजना है, ताकि लोग गर्मी से राहत पा सकें। स्कूल और परीक्षा हॉल में वेंटिलेशन और पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने मौजूदा पानी के कियोस्क की मरम्मत करने और आवश्यकता पड़ने पर नए कियोस्क स्थापित करने की भी योजना बनाई है। पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ खारे पानी के अंदर जाने से रोकने और कृषि फसलों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में मंत्री के राजन, रोशी ऑगस्टीन, के कृष्णनकुट्टी, मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक, जिला कलेक्टर, लैंड रेवेन्यू कमिश्नर जीवन बाबू, डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सदस्य सचिव शेखर कुरियाकोस, और अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मियों में लोगों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

