पटना, 10 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने निशांत कुमार की जदयू में एंट्री को लेकर नीतीश कुमार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीएम ने वंशवाद और परिवारवाद से हटकर उदाहरण पेश किया।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जदयू में एंट्री पर कहा कि यह बिहार के लिए सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को बदहाली से निकालकर विकास की राह पर लाने का काम किया है और अब जब वह केंद्र की राजनीति में जा रहे हैं, तब बेटे को राजनीति में लाना उनके बड़प्पन को दिखाता है।
मनोज तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार ने वंशवाद और परिवारवाद से हटकर एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के एक साधारण सदस्य के रूप में आए हैं और आगे भी वे बने रहें, हमारी ऐसी अपेक्षा है।
नीतीश कुमार पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों पर मनोज तिवारी ने कहा कि परिवारवाद वह होता है, जब यह तय हो कि किसी नेता के बाद उसी परिवार का सदस्य ही पद संभालेगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पहले भी बड़ा उदाहरण देते हुए जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था, ऐसे में उन पर सवाल उठाना गलत और घटिया सोच को दर्शाता है।
पवन सिंह को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा पर मनोज तिवारी ने कहा कि पार्टी में सभी की यह अपेक्षा थी। उन्होंने कहा कि भाजपा भी चाहती है कि उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाए। अभी यह प्रक्रिया खत्म नहीं हुई है और कई राज्यों से राज्यसभा की सीटें खाली होनी हैं। भाजपा उनका सम्मान करेगी और उनका ख्याल रखेगी।
भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव के बारे में भाजपा सांसद ने कहा कि उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद खेसारी राजनीति से दूरी बना रहे हैं, लेकिन उनकी इच्छा है कि वे भी भाजपा में रहें।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के टी-20 विश्व कप को लेकर दिए बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि कीर्ति आजाद खुद विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रह चुके हैं और जब वे ऐसे कमेंट्स करते हैं तो यकीनन दुख तो होता है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है। बंगाल के लोग अब भाजपा की सरकार लाना चाहते हैं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां की जनता ‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ आगे बढ़ना चाहती है।

