चेन्नई, 11 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के दौर जैसा शासन फिर से स्थापित करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है।
तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल (जो तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रभारी भी हैं) ने कहा कि राज्य के लोग बेहतर और पारदर्शी शासन की तलाश में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) की सरकार भ्रष्टाचार से घिरी हुई है और जनता अब इससे निराश हो चुकी है। पीयूष गोयल ने कहा कि स्टालिन सरकार कई अहम प्रशासनिक मुद्दों को हल करने में असफल रही है और राज्य में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
पीयूष गोयल ने तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उधयनिधि स्टालिन पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उधयनिधि का नेतृत्व खुद डीएमके के भीतर भी व्यापक रूप से स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “तमिलनाडु की जनता चाहती है कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए और राज्य स्तर पर एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में सरकार बने।”
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए पलानीस्वामी के नेतृत्व में तमिलनाडु में सरकार बनाएगा।
पीयूष गोयल ने यह भी दावा किया कि मौजूदा प्रशासन के भीतर जिस तरह की ‘एंटी-तमिल मानसिकता’ दिखाई दे रही है, उससे राज्य के लोग नाराज़ हैं। उनके मुताबिक, मतदाता अब स्थिर और विकासोन्मुख शासन देने में सक्षम विकल्प के रूप में एनडीए की ओर देख रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तमिल संस्कृति और विरासत के प्रति गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तमिलनाडु को विकास के जरिए देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल करना चाहते हैं।
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि अगर एनडीए को राज्य में सत्ता मिलती है, तो टीएएसएमएसी शराब रिटेल प्रणाली में अनियमितताओं, अवैध रेत खनन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को ‘अम्मा’ बताते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन उनके कार्यकाल से जुड़े शासन मॉडल को फिर से लागू करेगा।
उन्होंने कहा, “जब मतदाता अपने वोट डालेंगे, तो डीएमके के सारे सपने टूट जाएंगे। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता एनडीए को समर्थन देगी।”

