भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी के धरने को बताया ‘नाटक’

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कोलकाता, 11 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल में नए राज्यपाल के आगमन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, लेकिन राज्य की जनता में इसको लेकर चर्चा जरूर हो रही है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “हमारे मांग करने से क्या होता है? यह हमारे अधिकार में भी नहीं है। चुनाव आयोग है, राज्यपाल हैं और राष्ट्रपति हैं। यह सब वरिष्ठ स्तर पर लिया जाने वाला निर्णय है। लेकिन बंगाल के कई लोग दावा कर रहे हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन होना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में के दौरान राज्य में ऐसा माहौल बनाया गया, जिसमें भाजपा समर्थकों को मतदान करने से रोका गया।

उन्होंने कहा, “जिस तरह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सरकार ने माहौल बनाया, उसमें हमारे लोगों को वोट देने तक नहीं दिया गया। इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए।”

अग्निमित्रा पॉल ने एसआईआर के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस विषय को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण बना दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए राज्यपाल इस पर सख्त रुख अपनाएंगे।

उन्होंने कहा, “अब जो नए राज्यपाल आ रहे हैं, उनसे हमें उम्मीद है कि वे सख्त कार्रवाई करेंगे। हमने सुना है कि वे बहुत कड़े स्वभाव के हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख अजीत डोभाल के साथ भी काम कर चुके हैं। इसलिए हमें उम्मीद है कि वे कठोर कदम उठाएंगे।”

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि चुनाव ठीक से हों। ईवीएम बॉक्स इधर-उधर न हों, स्ट्रॉन्ग रूम में चोरी जैसी घटनाएं न हों और हमारे कार्यकर्ता घर से पुलिस स्टेशन तक जाने से डरें नहीं। यह हमारे अस्तित्व और राजनीतिक भविष्य का सवाल है।”

इसके अलावा उन्होंने धर्मतला मेट्रो चैनल पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने पर भी तंज कसा। अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “यह कोई धरना मंच नहीं है, यह तो एक नाटक जैसा है। नाटक में जैसे पर्दा ऊपर-नीचे होता है, वैसे ही यहां भी हो रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई संविधान को खत्म करने की कोशिश करेगा तो उसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी होंगे।