राजस्थान विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 184 घंटे चला सदन; 24 बैठकें हुईं

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जयपुर, 11 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान विधानसभा के 16वें सत्र का पांचवां सत्र मंगलवार शाम 6.06 बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार सुबह इसकी घोषणा की। सत्र की समीक्षा करते हुए देवनानी ने बताया कि विधानसभा की 24 बैठकें हुईं, जिनमें लगभग 184 घंटे तक चर्चा और विधायी कार्य चला।

अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा हुई। भाजपा सदस्यों ने 13 घंटे 14 मिनट तक बहस में भाग लिया, जबकि कांग्रेस सदस्यों ने 10 घंटे 52 मिनट तक अपनी बात रखी। अन्य दलों के विधायकों ने 1 घंटे 37 मिनट का योगदान दिया।

2026-27 के बजट अनुमानों पर सामान्य चर्चा के दौरान भाजपा सदस्यों ने 9 घंटे 42 मिनट, कांग्रेस सदस्यों ने 8 घंटे 19 मिनट और अन्य दलों ने 1 घंटे 21 मिनट तक अपनी बात रखी। अनुदान मांगों पर भाजपा विधायकों ने 36 घंटे 56 मिनट, कांग्रेस सदस्यों ने 21 घंटे 26 मिनट और अन्य दलों ने 4 घंटे 25 मिनट तक अपनी बात रखी।

देवनानी ने बताया कि सत्र के दौरान विधानसभा को 8,919 प्रश्न प्राप्त हुए। इनमें 4,311 तारांकित प्रश्न, 4,603 अतारांकित प्रश्न और पांच अल्प सूचना प्रश्न शामिल थे। तारांकित प्रश्नों में से 440 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए और 232 के उत्तर सदन में मौखिक रूप से दिए गए। कुल 451 अतारांकित प्रश्न भी सूचीबद्ध किए गए।

16वीं विधानसभा के पिछले चार सत्रों में राज्य सरकार ने 22,735 प्रश्नों में से 22,074 प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे उत्तर देने की दर लगभग 97 प्रतिशत रही, जिसे उन्होंने विधानसभा के लिए एक रिकॉर्ड बताया। नियम 50 के तहत 371 स्थगन प्रस्तावों के नोटिस प्राप्त हुए। इनमें से 84 प्रस्तावों को चर्चा के लिए स्वीकार किया गया और 77 सदस्यों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के लिए 339 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से 309 को सदन में पढ़ा गया या पढ़ा हुआ माना गया। विधानसभा को 850 ध्यानाकर्षण नोटिस भी प्राप्त हुए, जिनमें से 33 को सदन के एजेंडा में शामिल किया गया। सत्र के दौरान कुल 10 विधेयक पेश किए गए और पारित किए गए। सदन को 171 संशोधन प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 17 को अस्वीकार्य घोषित किया गया और 154 को स्वीकार किया गया।

विधानसभा ने 2026-27 के बजट पर चार दिवसीय सामान्य चर्चा की, जिसमें 84 विधायकों ने भाग लिया। अनुदान के लिए 64 मांगों में से 16 पर आठ दिनों में चर्चा हुई। कुल 3,935 कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 3,599 सदन में पेश किए गए।

देवनानी ने बताया कि विधानसभा को 226 याचिकाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 52 सदन में प्रस्तुत की गईं। इसके अतिरिक्त, सत्र के दौरान विभिन्न समितियों की 37 रिपोर्ट भी पेश की गईं।