चीन और कतर व पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ताएं

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बीजिंग, 11 मार्च (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 10 मार्च को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी के साथ फोन पर वार्ता की।

इस अवसर पर मोहम्मद ने क्षेत्रीय परिस्थिति का परिचय देते हुए कतर के रुख पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कतर को जरूरी आत्मरक्षा करने की आवश्यकता है। इसके साथ कतर कूटनीतिक प्रयास मजबूत करेगा, ताकि संकट के फैलाव और वृद्धि को रोक सके। कतर चीन के निष्पक्ष रुख के साथ मध्यस्थता करने की सराहना करता है और आशा करता है कि युद्धविराम बढ़ाने में चीन ज्यादा बड़ी भूमिका निभाएगा।

वहीं, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य देश होने के नाते चीन हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मामलों में सिद्धांतों का पालन करता है और न्याय को कायम रखता है। अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र संघ की अनुमति के बिना ईरान पर सैन्य हमला किया। यह बिलकुल संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांत और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के सावधानीपूर्वक बुनियादी मापदंड का उल्लंघन है।

वांग यी ने कहा कि चीन भी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाने से सहमत नहीं है और आम लोगों व गैर-सैन्य ठिकानों पर अंधाधुंध हमलों की निंदा करता है। खाड़ी अरब देशों की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना होगा। चीन राजनीतिक निपटारे से शीघ्र ही युद्धविराम करने की अपील करता है और क्षेत्रीय भविष्य अपने हाथों में पकड़ने के लिए खाड़ी देशों का समर्थन करता है। चीन लगातार अपने तरीके से परिस्थिति शिथिल करने और शांति बहाल करने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।

उधर, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 10 मार्च को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मुहम्मद इसहाक डार के साथ फोन पर वार्ता की।

इस अवसर पर डार ने ईरान की स्थिति पर पाकिस्तान के रुख पर प्रकाश डाला और विभिन्न पक्षों से संयम रखकर शांतिपूर्ण वार्ता के ज़रिए वर्तमान संकट का निपटारा करने की अपील की। डार ने कहा कि पाकिस्तान परिस्थिति शिथिल करने में चीन के प्रयास की प्रशंसा करता है और चीन के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ आदि मंचों पर समन्वय मज़बूत करना चाहता है, ताकि शांति साकार करने का कारगर तरीका मिल सके।

वहीं, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि सभी मौसमों के अनुरूप रणनीतिक साझेदार होने के नाते चीन और पाकिस्तान के बीच बड़े अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर संपर्क व तालमेल करने की बेहतर परंपरा है। दोनों पक्षों ने जल्द ही ईरान की परिस्थिति पर अपना दृढ़ रुख बताया। इससे जिम्मेदार रवैया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों पर पालन दिखाया गया। इस युद्ध के छेड़ने में वैधता और वैधानिकता की कमी है। युद्ध जारी रखने से सिर्फ और ज्यादा बेवजह मौतें होंगी।

हालात को बिगड़ने से रोकने का सबसे ज़रूरी तरीका यह है कि अमेरिका और इजरायल सैन्य कार्रवाई बंद कर दें। इसके साथ, चीन खाड़ी देशों पर हमलों से असहमत है और नागरिक सुविधाओं व बेगुनाह नागरिकों पर सभी हमलों की निंदा करता है।

वांग यी ने कहा कि चीन क्षेत्रीय परिस्थिति शिथिल बढ़ाने में पाकिस्तान की मध्यस्थता की प्रशंसा करता है और पाकिस्तान के साथ बहुपक्षीय व द्विपक्षीय समन्वय तथा सहयोग कायम रखना चाहता है, ताकि क्षेत्र की शांति और स्थिरता शीघ्र ही बहाल हो सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)