पटना, 11 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में कथित लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला और सत्र न्यायालय में चौथी श्रेणी की भर्ती परीक्षा के लिए एक उम्मीदवार के एडमिट कार्ड पर कुत्ते की तस्वीर छपी हुई थी।
इस घटना ने भर्ती प्रणाली और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भर्ती परीक्षा 15 मार्च को होनी है, और हाल ही में उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी किए गए थे।
हालांकि, रोहतास जिले का एक उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करके हैरान रह गया। हालांकि उसका नाम, रोल नंबर और अन्य विवरण सही थे, लेकिन एडमिट कार्ड पर छपी तस्वीर उम्मीदवार की जगह एक कुत्ते की थी।
रोहतास जिले के बिक्रमगंज स्थित धवा गांव के रहने वाले इस उम्मीदवार ने 2022 में चौथी श्रेणी के पद के लिए आवेदन किया था।
भर्ती प्रक्रिया के आगे बढ़ने का लगभग चार साल तक इंतजार करने के बाद, अब एक अजीब सी गलती के कारण उसे अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
परीक्षा की तैयारी करने के बजाय, यह उम्मीदवार एडमिट कार्ड में सुधार करवाने के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगा रहा है।
उम्मीदवार के अनुसार, उसका परीक्षा केंद्र सहरसा जिले में आवंटित किया गया है।
उसने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उसने अपनी तस्वीर सही तरीके से अपलोड की थी और उसके पास इसका सबूत भी है।
उसने चिंता जताई कि इस गलती के कारण परीक्षा केंद्र पर उसे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इस मुद्दे पर बात करते हुए उम्मीदवार ने कहा, “जिला और सत्र न्यायालय में चपरासी के पद के लिए रिक्तियों की घोषणा चार साल पहले, 2022 में की गई थी। इतने लंबे इंतजार के बाद, जब एडमिट कार्ड जारी हुआ, तो मेरी तस्वीर की जगह एक कुत्ते की तस्वीर दिखाई दी। इससे हम मजाक का पात्र बन गए हैं। इस गलती को तुरंत सुधारा जाना चाहिए ताकि मैं बिना किसी परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सकूं।
इस अजीबोगरीब घटना ने भर्ती बोर्ड के कामकाज और उसकी डिजिटल आवेदन प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उम्मीदवार ने संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है और परीक्षा की तारीख से पहले सुधार होने का इंतजार कर रहा है। कई लोगों ने मांग की है कि अधिकारी इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाएं और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

