13 मार्च का पंचांग : शुक्रवार को चैत्र कृष्ण की दशमी तिथि, नोट कर लें भद्रा का समय

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नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। धार्मिक कार्य हो या नए काम की शुरुआत सनातन धर्म में पंचांग का विचार महत्वपूर्ण है। यह न केवल दिन की शुरुआत बल्कि शुभ मुहूर्त और अशुभ समय की भी जानकारी देते हैं। 13 मार्च के पंचांग के अनुसार, चैत्र माह, कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।

शुक्रवार को दशमी तिथि पूर्ण रात्रि तक रहेगी। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 33 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 28 मिनट पर होगा। नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रात 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। योग व्यतिपात है, जो सुबह 10 बजकर 32 मिनट तक प्रभावी रहेगा। करण वणिज है, जो शाम 7 बजकर 23 मिनट तक चलेगा, उसके बाद विष्टि करण रात्रि भर रहेगा।

धर्म शास्त्रों के अनुसार, शुभ-अशुभ समय को ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण कार्य करने चाहिए। धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और नई शुरुआत के लिए अमृत काल, अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त का विशेष महत्व है।

शुक्रवार के महत्वपूर्ण मुहूर्त पर विचार करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 57 मिनट से 5 बजकर 45 मिनट तक है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 50 मिनट तक है। वहीं, अमृत काल रात 9 बजकर 47 मिनट से 11 बजकर 32 मिनट तक है साथ ही निशीथ मुहूर्त रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है। राहुकाल सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक यमगंड दोपहर 3 बजकर 29 मिनट से 4 बजकर 59 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 8 बजकर 3 मिनट से 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। वही, दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 56 मिनट से 9 बजकर 44 मिनट तक है। आडल योग सुबह 6 बजकर 33 मिनट से 14 मार्च की सुबह 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। भद्रा शाम 7 बजकर 23 मिनट से 14 मार्च की सुबह 6 बजकर 32 मिनट तक प्रभावी रहेगी।