मुंबई, 12 मार्च (आईएएनएस)। निजी जिंदगी में बड़े हादसों को झेलने के बाद पर्दे पर पहचान बनाने के लिए लंबा संघर्ष करना हिम्मतवालों का काम है और ऐसी हिम्मत व जज्बा कम ही अभिनेत्रियों में देखने को मिलता है।
ऐसी ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी अभिनेत्री हैं निम्रत कौर, जिन्होंने ‘द लंचबॉक्स,’ ‘पेडल्स,’ और ‘होमलैंड’ जैसी फिल्मों से हॉलीवुड और बॉलीवुड में दर्शकों का दिल जीता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अभिनेत्री की निजी जिंदगी और करियर दोनों ही मुश्किलों से भरे थे।
राजस्थान के गांव में 13 मार्च को जन्मी निम्रत कौर आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं। उनके पिता मेजर भूपिंदर सिंह भारतीय सेना में अधिकारी थे लेकिन कश्मीर में हुए एक विद्रोह में कुछ लोगों ने उन्हें किडनैप करके मौत के घाट उतार दिया था और उस वक्त निम्रत 12 साल की थी। अपने पिता को खोने का गम साथ लिए वह परिवार के साथ नोएडा शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।
निम्रत को पहले से ही बॉलीवुड की चमक पसंद थी और अपनों की उड़ान को पूरा करने के लिए न सिर्फ मुंबई का रुख किया बल्कि थिएटर भी किया। पहले अपनी कला को निखारने के लिए अभिनेत्री ने कई नाटकों में भाग लिया लेकिन फिल्मों में आने की राह आसान नहीं थी। पैसे कमाने के लिए प्रिंट मॉडलिंग की और लेकिन काम की तलाश में उन्हें बॉलीवुड की तरफ से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। अभिनेत्री के रंग, हाइट और शारीरिक बनावट पर सवाल उठाए गए लेकिन निम्रत ने कभी हार नहीं मानी और परेशानी का सामना मजबूती से किया।
उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि काम की तलाश में रोज कई जगह भटकना पड़ता था और पहला काम 85-90 बार ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद मिला था। निम्रत ने फिल्म से पहले साल 2004 में एल्बम सॉन्ग में काम किया था। उन्हें “तेरा मेरा प्यार” और “ये क्या हुआ” गानों में बतौर लीड देखा गया, जिसके बाद अनुराग कश्यप की वजह से उन्हें बॉलीवुड में काम करने का मौका मिला। उन्हें साल 2012 में दमदार फिल्म ‘पेडलर्स’ में देखा गया लेकिन असली लोकप्रियता ‘द लंचबॉक्स’ से मिली थी।
आज निम्रत बड़े पर्दे से लेकर ओटीटी पर अपनी एक्टिंग का दम दिखा रही हैं। उनकी ‘द फैमिली मैन’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘स्काईफोर्स’ और ‘दसवीं’ दर्शकों की फेवरेट क्राइम थ्रिलर सीरीज है।

