नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। एलपीजी की कमी और बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए एक पोस्ट साझा की, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। हालांकि, बाद में पुरानी तस्वीर इस्तेमाल करने को लेकर व्यापक आलोचना के बाद पार्टी ने वह पोस्ट हटा दी।
कांग्रेस की पोस्ट में एक तस्वीर दिखाई गई थी, जिस पर “मोदी है तो मुमकिन है” का नारा लिखा था और नीचे कैप्शन में “मोदी की लाइन लगाओ योजना” लिखा था, जिससे यह संकेत दिया गया कि लोगों को एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
हालांकि पोस्ट के तुरंत बाद कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने बताया कि इसमें इस्तेमाल की गई तस्वीर कथित तौर पर 2011 की है। इसके बाद मौजूदा मुद्दे को दिखाने के लिए पुरानी तस्वीर साझा करने पर कांग्रेस की आलोचना होने लगी। आलोचना बढ़ने के बाद पार्टी ने चुपचाप वह पोस्ट अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी।
इस बीच, हाल ही में एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कर्नाटक के मांड्या जिले में जिला कांग्रेस कमेटी और उसकी महिला शाखा के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और घरेलू व वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की निंदा की।
7 मार्च को तेल विपणन कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की जबकि 19 किलो के वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत 114.50 रुपये बढ़ा दी गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा लागत में वृद्धि से जुड़ी बताई जा रही है।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी गुरुवार को राज्य के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र से हालिया एलपीजी मूल्य वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के समय ईंधन और गैस आपूर्ति की पर्याप्त योजना नहीं बनाई गई।
विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस अपने आंतरिक संगठनात्मक कार्यक्रमों की भी तैयारी कर रही है। पार्टी गुरुवार से त्रयंबरकेश्वर में उत्तर महाराष्ट्र क्षेत्र के उन उम्मीदवारों के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर रही है, जिन्होंने हाल ही में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था।
इसी दौरान सरकारी अधिकारियों ने एलपीजी सिलेंडरों की घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी के कारण अनावश्यक घबराहट में बुकिंग की जा रही है।
अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने और एलपीजी की कमी से जुड़ी अपुष्ट खबरें फैलाने से बचने की अपील की।
पेट्रोलियम मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय की संयुक्त ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि सरकार के निर्देशों के बाद भारत में घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
ब्रीफिंग के दौरान सुजाता शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त एलपीजी कार्गो जहाज फिलहाल भारत की ओर आ रहे हैं और अगले एक-दो दिनों में पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इनमें से करीब 90 प्रतिशत आयात होर्मुज जलडमरू मध्य के रास्ते से होकर आता है। “फिलहाल एलपीजी को मुख्य रूप से घरेलू क्षेत्र के लिए भेजा जा रहा है। गैर-घरेलू एलपीजी में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।”
उन्होंने कहा कि एक समिति राज्य सरकारों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि उपलब्ध एलपीजी आपूर्ति देशभर में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से वितरित की जा सके।

