नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में लीची की बहार छा जाती है। ये फल खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद। प्राकृतिक मिठास की पूर्ति करने वाली लीची गर्मियों में अमृत से कम नहीं मानी जाती।
बिहार सरकार के वन विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार में लीची प्रमुख बागवानी फसल है। इसका मीठा स्वाद, सुगंध और चमकदार लाल छिलका हर किसी को आकर्षित करता है। खासकर मुजफ्फरपुर की लीची को भौगोलिक संकेतक (जीआई) का टैग मिला हुआ है, जो इसकी गुणवत्ता और विशेष पहचान को प्रमाणित करता है। लीची का पेड़ सुंदर, घना और सदाबहार होता है। इसका गोल शीर्ष और गर्मियों में लगने वाले लाल फलों के गुच्छे दूर से ही पहचान दिलाते हैं। यह फल न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि पोषक तत्वों का खजाना भी है।
लीची में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। इसमें फाइबर भी भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, कब्ज से राहत देता है और आंतों को स्वस्थ बनाए रखता है। इसके अलावा, लीची में एंटीऑक्सीडेंट जैसे पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनॉइड्स मौजूद होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं। ये तत्व सूजन कम करने में भी मदद करते हैं।
यही नहीं लीची में पोटैशियम अच्छी मात्रा में होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। इसमें आयरन भी थोड़ी मात्रा में पाया जाता है, जो खून की कमी या एनीमिया से बचाव में सहायक होता है।
गर्मियों में लीची खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और प्यास बुझाने में भी मदद मिलती है। यह फल त्वचा के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। विटामिन सी कोलेजन बनाता है, जिससे त्वचा में चमक आती है और झुर्रियां कम होती हैं। साथ ही यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में भी सहायक होता है।
हालांकि, लीची का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। ज्यादा खाने से गले में खराश या शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। डायबिटीज के मरीजों को डॉक्टर से सलाह के बाद ही लीची का सेवन करना चाहिए।

