बेंगलुरु, 13 मार्च (आईएएनएस)। ओडिशा में आगामी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच, कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को बेंगलुरु स्थानांतरित कर दिया है। इसे व्यापक रूप से अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए “रिसॉर्ट राजनीति” के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस सूत्रों ने शुक्रवार को पुष्टि की कि विधायकों को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार की देखरेख में बेंगलुरु लाया गया था। विधायक और पार्टी नेता गुरुवार रात को इंडिगो की फ्लाइट से भुवनेश्वर से बेंगलुरु पहुंचे थे।
वे गुरुवार रात करीब 11 बजे केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां शिवकुमार के करीबी सहयोगियों ने उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे से विधायकों को पुलिस सुरक्षा में सीधे रामनगर जिले के बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट में ले जाया गया है।
यहां विधायकों के ठहरने की व्यवस्था वंडरला रिसॉर्ट में की गई है, जहां उनके रहने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस समूह में विधायक मंगू खिला, अप्पाला स्वामी, राजन एक्का और अशोक कुमार शामिल हैं। पार्टी के ओडिशा प्रमुख व पूर्व सांसद भक्त चरण दास और प्रवक्ता दुर्गा प्रसाद पांडा भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। ओडिशा से लगभग 14 कांग्रेस नेता बेंगलुरु पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के दौरान संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर आशंकाओं के मद्देनजर विधायकों को ओडिशा से बाहर भेजने का निर्णय लिया गया है। यह कदम भाजपा के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ का मुकाबला करने के उद्देश्य से भी उठाया गया है।
147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में भाजपा को वर्तमान में 79 विधायकों का समर्थन प्राप्त है जबकि बीजू जनता दल (बीजेडी) के पास 50 सीटें और कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं।
बीजेडी ने शांतनु मिश्रा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार नामित किया है और साथ ही दत्तेश्वर होता को राज्यसभा की चौथी सीट के लिए सामान्य उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है जिनकी उम्मीदवारी को कांग्रेस ने समर्थन दिया है।
दूसरी ओर, भाजपा ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का भी समर्थन किया है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, चौथी सीट पर मुकाबला क्रॉस वोटिंग पर निर्भर हो सकता है। दत्तेश्वर होता की जीत कांग्रेस विधायकों के समर्थन पर निर्भर करेगी जबकि निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय को जीत हासिल करने के लिए विपक्षी दलों के कम से कम आठ विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
गौरतलब है कि क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के मद्देनजर उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने इससे पहले महाराष्ट्र और गुजरात के विधायकों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।

