कोविड के बाद भारत का लिस्टेड आरईआईटी मार्केट कई गुना बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपए पहुंचा: रिपोर्ट

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    नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। भारत का सूचीबद्ध रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) बाजार कोविड-19 के बाद तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसका आकार 27,100 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सीबीआरई की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

    इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह वृद्धि उस समय शुरू हुई जब वित्त वर्ष 2020 में देश का पहला आरईआईटी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ था। इसके बाद नए आरईआईटी की लिस्टिंग और पहले से मौजूद आरईआईटी के यूनिट प्राइस में लगातार बढ़ोतरी के कारण बाजार तेजी से बढ़ा।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि सूचीबद्ध आरईआईटी में से चार आरईआईटी ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से लेकर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के बीच 20 प्रतिशत से ज्यादा सालाना बढ़ोतरी दर्ज की।

    सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिर आर्थिक माहौल के बावजूद भारत का आरईआईटी बाजार निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न देता रहा है।

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 और उसके बाद आरईआईटी के उपयोग को बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण नियामकीय बदलाव किए जा रहे हैं।

    पहला बदलाव सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) का है, जिसने जनवरी से आरईआईटी को हाइब्रिड इंस्ट्रूमेंट की जगह इक्विटी से जुड़े निवेश साधन के रूप में वर्गीकृत करने का फैसला किया है। इससे म्यूचुअल फंड और विशेष निवेश फंड की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बाजार में तरलता बेहतर होगी।

    रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का प्रस्ताव भी इस सेक्टर को फायदा पहुंचा सकता है, जिसमें कमर्शियल बैंकों को सीधे आरईआईटी को कर्ज देने की अनुमति देने की बात कही गई है। इससे यह ढांचा इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनवीआईटी) के अनुरूप हो जाएगा।

    इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) की संपत्तियों को आरईआईटी के जरिए मॉनेटाइज करने की योजना भी बताई है। इससे सरकारी स्वामित्व वाली व्यावसायिक रियल एस्टेट संपत्तियों का मूल्य सामने आएगा और निवेशकों को सरकारी समर्थन वाले एसेट में निवेश का अवसर मिलेगा।

    सीबीआरई इंडिया रिसर्च के अनुसार, भारत का एसएम आरईआईटी बाजार 75 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है। यह वृद्धि 500 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा ऑफिस, लॉजिस्टिक्स और रिटेल संपत्तियों के कारण संभव हो सकती है।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑफिस सेक्टर आरईआईटी निवेश के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला सेगमेंट है। भारत के करीब 42 प्रतिशत निवेशक इसमें निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं।

    फिलहाल भारत के शेयर बाजारों बीएसई और एनएसई पर पांच आरईआईटी लिस्टेड हैं, जो निवेशकों को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश का नया विकल्प दे रहे हैं।