गुवाहाटी, 13 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गुवाहाटी में विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक संकटों का कृषि क्षेत्र पर कोई प्रभाव न पड़े। कोविड महामारी और उसके बाद हुए युद्धों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें आसमान छू गईं, जिससे गंभीर कमी हो गई। इन चुनौतियों के बावजूद, केंद्र सरकार ने भारत में संकट को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया की एक बोरी की कीमत 3,000 रुपए थी, वहीं हमारी सरकार ने किसानों को इसे मात्र 300 रुपए में उपलब्ध कराया। इसे संभव बनाने के लिए सरकार ने सब्सिडी पर 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए। किसानों की खेती नई तकनीक से जुड़े, उन्हें सिंचाई के नए तरीकों से जोड़ा जाए और फसलों को भी लाभ मिले, इसी मंशा से हमारी सरकार ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ की नीति बनाई। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीक को किसानों तक पहुंचाया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरकार आपके खेतों को सोलर पंप से जोड़ने के लिए काम कर रही है और हमारी कोशिश है कि डीजल पर आपका खर्च कम से कम हो। हमने आजाद भारत में बार-बार देखा है कि जब दुनिया के दूसरे हिस्सों में लड़ाइयां होती हैं और सप्लाई चेन में दिक्कत आती है, तो परेशानी हमारे किसानों को होती है। कभी खाद महंगी हो जाती थी, कभी डीजल और ऊर्जा की कीमत बढ़ जाती थी, क्योंकि दशकों तक कांग्रेस पार्टी ने देश को दूसरे देशों पर निर्भर रखा। इससे खेती की लागत बढ़ जाती थी। बीते दशक में भाजपा-एनडीए सरकार ने आत्मनिर्भरता को लेकर एक और बड़ा काम किया है। हमने कृषि को बाहरी संकटों से बचाने के लिए आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने इन्हें पूछा तक नहीं, इनके पास जमीन के कानूनी दस्तावेज तक नहीं थे। आज असम की भाजपा सरकार इस ऐतिहासिक अन्याय को खत्म करने का काम कर रही है। अब इन परिवारों को अपनी जमीन मिली है और पक्के घर मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है। देश के हर क्षेत्र और हर वर्ग का विकास हमारी प्राथमिकता है। इसी भाव के साथ आज असम के टी-गार्डन में काम करने वाले साथियों के लिए बहुत बड़ी पहल हुई है। जिनकी मेहनत से असम की वैश्विक पहचान को बल मिला, जिनकी उगाई चाय की खुशबू से दुनियाभर में भारत की पहचान बनी, आज उन साथियों को भाजपा-एनडीए सरकार सम्मान भी दे रही है और सहायता भी दे रही है।
उन्होंने कहा कि जहां एक ओर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार किसानों को समर्थन देने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की कमी प्रदर्शित की है। युद्ध से उत्पन्न संकट के समय में भी कांग्रेस का ध्यान गलत सूचना और झूठ फैलाने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे पंडित नेहरू का 15 अगस्त का भाषण सुनें। यह आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित हो सकता है। पंडित नेहरू ने एक बार कहा था कि दक्षिण और उत्तर कोरिया में चल रहे युद्ध हमारे देश में मुद्रास्फीति को बढ़ा रहे हैं। असम, आज हमारे नॉर्थ ईस्ट यानी अष्टलक्ष्मी के नए भविष्य का एक मॉडल बन रहा है। यहां की प्रगति पूरे नॉर्थ ईस्ट को नई गति दे रही है।
उन्होंने कहा कि रेलवे की अन्य देशों पर निर्भरता कम करने और तेल आयात को न्यूनतम करने के लिए पिछले दशक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पिछले 10 वर्षों में, देश भर में संपूर्ण रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया है। इस विद्युतीकरण के परिणामस्वरूप, प्रतिवर्ष लगभग 17 मिलियन लीटर डीजल की बचत हो रही है।

