नेशनल वैक्सीनेशन डे: टीकाकरण क्यों है परिवार और बच्चों की सबसे बड़ी ढाल? जानें 5 मुख्य कारण

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नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। हर साल 16 मार्च को भारत में नेशनल वैक्सीनेशन डे यानी राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1995 में भारत में पोलियो के मौखिक टीके की पहली खुराक दी गई थी, जिसने देश को पोलियो मुक्त बनाने की नींव रखी। आज भी टीकाकरण बच्चों और पूरे परिवार की सुरक्षा का सबसे मजबूत हथियार है।

भारत सरकार ने साल 2014 में मिशन इंद्रधनुष शुरू किया था, जिसका लक्ष्य बच्चों में पूर्ण टीकाकरण को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना था। इस अभियान ने लाखों बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाया। मेडिकल साइंस में वैक्सीनेशन का महत्वपूर्ण योगदान है। यह कई गंभीर बीमारियां से बचाने में कारगर है। हालांकि, आज के समय में कई नई-नई संक्रामक बीमारियां सामने आ रही हैं, इसलिए हर उम्र में टीकाकरण और भी जरूरी हो गया है।

यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स इमरजेंसी फंड पांच मुख्य कारणों के बारे में बताता है कि टीकाकरण क्यों इतना महत्वपूर्ण है-

टीकाकरण जिंदगियां बचाता है: आधुनिक टीके और ओरल ड्रॉप्स ने बच्चों को कई खतरनाक बीमारियों से मुक्ति दिलाई है। सफल टीकाकरण अभियानों की वजह से चेचक जैसी बीमारी कंट्रोल हो चुकी है। कई अन्य घातक रोग अब नियंत्रण में हैं या समाप्त हो चुके हैं।

टीकाकरण अगली पीढ़ी को सुरक्षित बनाता है: वैक्सीनेशन ने गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने में मदद की है। भारत अब पोलियो मुक्त है, जिससे आने वाली पीढ़ियां इस बीमारी से कभी प्रभावित नहीं होंगी। अगर मां को रूबेला का टीका नहीं लगा हो तो यह बीमारी गर्भ में ही बच्चे को पहुंच सकती है। समय पर टीकाकरण से नई पीढ़ी स्वस्थ और मजबूत हो सकती है।

टीकाकरण परिवार की आर्थिक स्थिति सही रखता है: मध्यम या निम्न वर्ग में अगर कोई बच्चा गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो जाए तो इलाज पर भारी खर्च होता है। जमा-पूंजी खत्म हो जाती है, कर्ज लेना पड़ता है और परिवार की इकोनॉमी पर नकारात्मक असर पड़ जाता है। सही समय पर टीका लगवाकर ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।

टीकाकरण विकलांगता को रोकता है: विकलांगता के खिलाफ दुनिया भर में प्रयास हो रहे हैं, लेकिन बचपन में टीकाकरण सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। पोलियो के टीके ने लाखों बच्चों को नुकसान से बचाया। इसी तरह खसरे के टीके ने अंधेपन, बहरेपन और मानसिक विकलांगता जैसी जटिलताओं को रोका है। समय पर टीकाकरण बच्चों को स्वस्थ और सामान्य जीवन देता है।

टीकाकरण पूरे परिवार और समाज की रक्षा करता है: कई बीमारियां संक्रामक होती हैं। एक व्यक्ति बीमार पड़ने से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्ग, बच्चे या बीमार सदस्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। कोविड-19 इसका स्पष्ट उदाहरण है। खुद और अपने बच्चों का टीकाकरण करवाकर पूरे परिवार, पड़ोसियों और दोस्तों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।