अश्विन का खुलासा, जब पर्थ में वॉशिंगटन को मिली तरजीह, तभी संन्यास लेने का एहसास हुआ

0
11

कोलकाता, 17 मार्च (आईएएनएस)। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का एहसास तब हुआ, जब ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट मैच के लिए उनसे कम अनुभवी और युवा वॉशिंगटन सुंदर को टीम में प्राथमिकता दी गई। साल 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वरिष्ठ गेंदबाज अश्विन को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने सीरीज समाप्त होने पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया।

मंगलवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान, अश्विन ने उस पल के बारे में खुलकर बात की जब उन्हें एहसास हुआ कि भारतीय टीम के साथ उनका समय अब ​​खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, “मैं पर्थ में सीनियर गेंदबाज था। वाशी (वॉशिंगटन सुंदर) ने वह टेस्ट खेला, और मुझे एहसास हो गया कि मेरा समय अब ​​पूरा हो चुका है।”

उल्लेखनीय है कि ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद अश्विन के संन्यास लेने के फैसले पर टीम मैनेजमेंट की काफी आलोचना हुई थी। ये वो समय था, जब इस सीरीज के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी टीम से दूरी बना ली। ऐसी बातें सामने आ रही थीं कि सीनियर खिलाड़ियों को जबरदस्ती संन्यास लेने के लिए मजबूर किया गया है। ऐसे में हेड कोच गौतम गंभीर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया था। हालांकि, अश्विन ने इन सभी बातों को सिरे से खारिज करते हुए गंभीर के काम करने के तरीके का समर्थन किया।

अश्विन ने कहा, “मुझे गौतम पसंद हैं। हो सकता है कि उनके बारे में लोगों की राय अलग-अलग हो, लेकिन वह ऐसे इंसान हैं जो हमेशा टीम को किसी भी खिलाड़ी से ऊपर रखते हैं। वह जीत का श्रेय किसी एक खिलाड़ी को नहीं, बल्कि पूरी टीम को देते हैं, उनकी यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद है।”

अश्विन ने भारतीय ड्रेसिंग रूम के माहौल और किसी एक खिलाड़ी पर ही निर्भर न रहने की अहमियत के बारे में कहा, “भारतीय क्रिकेट सिर्फ कुछ लोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं ज्यादा बड़ा है।”

विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए, अश्विन ने उन वर्षों के दौरान टीम के खिलाड़ियों के बीच मौजूद मजबूत तालमेल और आपसी भाईचारे का जिक्र करते हुए कहा, “हम सभी में सबसे अच्छी बात यह थी कि कोई भी एक-दूसरे पर हार का ठीकरा नहीं फोड़ता था। हम सभी चाहते थे कि भारत जीते और पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन करे। हम सभी इसी एक लक्ष्य को लेकर पूरी तरह से प्रेरित थे।”

रविचंद्रन अश्विन ने भारत की ओर से 106 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 537 विकेट हासिल किए। इस दौरान 37 बार पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट हासिल किए। इस दिग्गज क्रिकेटर ने भारतीय टेस्ट टीम में जारी बदलाव के दौर में टीम के सामने आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ खेलना हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन मेरे हिसाब से बल्लेबाजी उतनी बड़ी समस्या नहीं है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम आने वाले समय में बेहतरीन बल्लेबाज तैयार कर लेंगे। गेंदबाजी, बल्लेबाजी जितनी असरदार नहीं है, और चिंता की बात यहीं है।”