चेन्नई, 18 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री एल. मुरुगन ने नेपाल में सड़क दुर्घटना में मारे गए तमिलनाडु के सात तीर्थयात्रियों के शव नई दिल्ली लाए गए हैं।
चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने पुष्टि की कि मारे गए सात तीर्थयात्रियों के शव बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। शवों को उनके संबंधित गृह नगरों में अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारियाँ चल रही हैं।
पीड़ित एक तीर्थयात्रा समूह का हिस्सा थे, जो नेपाल में यात्रा कर रहे थे। नेपाल में 14 मार्च को यह सड़क दुर्घटना हुई। जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनमें से चार कोयम्बत्तूर जिले के पल्लाची के थे, जबकि बाकी तीन चेन्नई के निवासी थे।
मुरुगन ने बताया कि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने दुर्घटना के तुरंत बाद राहत कार्यों का समन्वय किया और घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
उन्होंने कहा, “दूतावास ने सभी आवश्यक सहायता प्रदान की और शवों को भारत लाने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया।” मंत्री ने घायल व्यक्तियों के बारे में बताया कि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा, तीन अन्य जो मामूली चोटें लगी हैं, उन्हें काठमांडू के अस्पताल से दिन के अंत तक छुट्टी मिलने की संभावना है।
मुरुगन ने कहा कि घटना की रिपोर्ट मिलते ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “मैंने तुरंत दूतावास अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने मुझे बताया कि शवों को दिल्ली लाने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।”
अधिकारियों ने अब यह सुनिश्चित करने के लिए समन्वय करना शुरू कर दिया है कि दिल्ली से पल्लाची और चेन्नई तक शवों का सुचारु स्थानांतरण हो सके।
तमिलनाडु की स्थानीय प्रशासनिक इकाइयां शवों के आगमन पर शोकसंतप्त परिवारों की आवश्यक व्यवस्थाओं में सहायता करेंगी।
यह हादसा परिवारों के लिए बेहद दुखद साबित हुआ है। पल्लाची और चेन्नई में रह रहे परिजन अपने प्रियजनों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार ने इस कठिन समय में परिवारों को सभी संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

