पटना, 18 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के ‘नेक संवाद’ में पवित्र रमजान के अवसर पर रोजेदारों को दावत-ए-इफ्तार पर आमंत्रित किया। बड़ी संख्या में रोजेदारों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
इफ्तार के पहले मित्तन घाट के सज्जादानशीं हजरत सैयद शाह शमीमउद्दीन अहमद मुनअमी ने रमजान एवं रोजे की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और सामूहिक दुआ की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित आमंत्रित अतिथियों ने सामूहिक दुआ में शामिल होकर राज्य की तरक्की, प्रगति, आपसी भाईचारे एवं मोहब्बत के लिए खुदा-ए-ताला से दुआयें कीं।
मुख्यमंत्री ने आगंतुक अतिथियों एवं रोजेदारों का स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, दिलीप जायसवाल, सुनील कुमार, मंत्री मो. जमा खान, मंत्री संजय कुमार सिंह, संतोष सुमन, रामकृपाल यादव सहित कई मंत्रीगण, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई विधायक, विधान पार्षद, अन्य जनप्रतिनिधिगण, राज्य के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए।
इस मौके पर मंत्री विजय चौधरी ने कहा, “मुख्यमंत्री हर साल इफ्तार का आयोजन करते रहे हैं। इस साल भी उन्होंने इसका आयोजन किया है। ये तो अच्छी बात है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जो अल्पसंख्यकों के प्रति या उनके कल्याण के प्रति जो भावना और संकल्प रहा है, यह सूबे और मुल्क के अल्पसंख्यक जानते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक भावनाओं से नहीं चलती है। राजनीति की अपनी गति होती है। राजनीति को भावनाओं से नहीं जोड़ना चाहिए। बता दें कि मंगलवार को जदयू के द्वारा दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया था। इससे पहले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) द्वारा भी इफ्तार का आयोजन किया गया था।

