एलडीए का 5,148 करोड़ का ब्लूप्रिंट: सस्ते आवास, ग्रीन कॉरिडोर और नई टाउनशिप से बदलेगा लखनऊ का चेहरा

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लखनऊ, 21 मार्च (आईएएनएस)। लखनऊ के सुनियोजित शहरी विकास को रफ्तार देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 5,148 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी। इससे सस्ते आवास, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई टाउनशिप परियोजनाओं को बड़ा बल मिलेगा।

एलडीए की 187वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5,148 करोड़ रुपए के बजट को स्वीकृति दे दी गई।

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में पारिजात सभागार में आयोजित बैठक में शहर के समग्र विकास, आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। बैठक में शारदा नगर विस्तार योजना के तहत करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से 848 अफोर्डेबल फ्लैट्स के निर्माण को हरी झंडी दी गई।

योजना में 12 मंजिला चार टावरों में वन-बीएचके और टू-बीएचके के फ्लैट तैयार किए जाएंगे, जिनमें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर और वरुण विहार जैसी योजनाओं के लिए भूमि खरीद एवं अर्जन की प्रक्रिया के लिए 1,600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे नई आवासीय योजनाओं को गति मिलेगी और शहर के विस्तार के साथ निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।

इसके अलावा, आवासीय योजनाओं के विकास एवं अनुरक्षण के लिए 1,298 करोड़ रुपए तथा अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। शहर की महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में पार्कों के विकास के लिए 60 करोड़ रुपए, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने के लिए बजट प्रावधान तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई।

इसके साथ ही गोमती नगर स्थित पारिजात और पंचशील अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमतों को एक वर्ष के लिए स्थिर रखने का निर्णय लिया गया है, जिससे खरीदारों को राहत मिलेगी।

अनंत नगर योजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और विभिन्न योजनाओं के लेआउट संशोधन के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। एलडीए के इस मेगा बजट से लखनऊ में सस्ते आवास, बेहतर कनेक्टिविटी और योजनाबद्ध शहरी विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।