ग्रेटर नोएडा, 21 मार्च (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पांच नई अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई।
इन नई पुलिस चौकियों में माइल स्टोन-32 किमी, कार्गो टर्मिनल, डोमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 किमी और माइल स्टोन-15 किमी शामिल हैं। इन चौकियों के माध्यम से एयरपोर्ट के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में सुरक्षा की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके साथ ही, एयरपोर्ट के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त 7 पीसीआर और पीआरवी वाहनों की भी तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा नवसृजित ‘जेवर डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन’ के अंतर्गत तीन प्रमुख चौकियां माइल स्टोन-32 किमी, कार्गो टर्मिनल और डोमेस्टिक टर्मिनल को आंतरिक सुरक्षा के लिए संचालित किया जा रहा है। वहीं बाहरी सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए थाना रबूपुरा के अंतर्गत माइल स्टोन-27 किमी तथा थाना दनकौर के अंतर्गत माइल स्टोन-15 किमी पुलिस चौकी स्थापित की गई है।
एयरपोर्ट जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुल 7 अत्याधुनिक पीआरवी और पीसीआर वाहनों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। इनमें से एक पीसीआर वाहन यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर टोल से फलैदा कट तक गश्त करेगा, जबकि दूसरा वाहन एयरपोर्ट के मुख्य मार्ग पर लगातार निगरानी रखेगा।
इसके अलावा, दो पीआरवी वाहन बाहरी ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं, जो विभिन्न गांवों से होकर नियमित पेट्रोलिंग करेंगे। शेष तीन पीआरवी वाहन डोमेस्टिक टर्मिनल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। इन सभी वाहनों को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस की निरंतर पेट्रोलिंग से न केवल यात्रियों को त्वरित सहायता मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में आमजन के बीच सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह पहल जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र में आधुनिक, तकनीक आधारित और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में भी तेजी आएगी।

