Friday, August 21, 2026
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रक्षा खडसे ने जिंदल पैंथर-जयपुर टीमों की तारीफ की, कहा- ‘पोलो में सवार-घोड़े का विश्वास और संतुलन दुर्लभ’

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नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने जिंदल स्टील इंडियन ओपन पोलो चैंपियनशिप की सराहना की। उन्होंने पोलो को ‘सहज-वृत्ति और अनुशासन का संवाद’ बताया।

रक्षा खडसे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके पोलो खेल की गहन सुंदरता और महत्व को शब्दों में बयां किया है। उन्होंने लिखा, “पोलो महज एक खेल नहीं है, बल्कि यह सहज-वृत्ति और अनुशासन के बीच एक संवाद है; जहां सवार और घोड़ा, विश्वास, संतुलन और शांत सटीकता के मार्गदर्शन में, एक-दूसरे के साथ एकाकार होकर आगे बढ़ते हैं। यह रणनीति और लालित्य के एक दुर्लभ मेल को दर्शाता है, जहां हर पल मानसिक सजगता और खेल के प्रति सम्मान की मांग होती है।”

रक्षा खडसे ने जिंदल स्टील इंडियन ओपन पोलो चैंपियनशिप का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में जिंदल पैंथर और जयपुर ऑप्टिमस अचीवर्स जैसी टीमों को मैदान पर खेलते देखना एक सुखद अनुभव है।

उन्होंने लिखा, “जिंदल स्टील इंडियन ओपन पोलो चैंपियनशिप में शामिल होना और जिंदल पैंथर तथा जयपुर ऑप्टिमस अचीवर्स जैसी टीमों को मैदान पर खेलते देखना, इस बात की एक सुखद याद दिलाता है कि कैसे परंपरा और उत्कृष्टता एक साथ मैदान पर साकार होती हैं, जिन्हें वैश्विक प्रतिभाओं और भारत की गहरी जड़ों वाली विरासत से और भी अधिक समृद्ध बनाया जाता है।”

पोलो, जिसे ‘खेलों का राजा’ कहा जाता है, भारत में सदियों पुरानी परंपरा है। राजस्थान, हैदराबाद और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में यह खेल राजघरानों और सेना से जुड़ा रहा है।

जिंदल स्टील इंडियन ओपन पोलो चैंपियनशिप भारत की प्रमुख पोलो इवेंट्स में से एक है, जिसमें देश-विदेश की टॉप टीमें हिस्सा लेती हैं। इस चैंपियनशिप में उच्च स्तर की रणनीति, घोड़ों की ट्रेनिंग, सवारों की कुशलता और टीमवर्क की मिसाल देखने को मिलती है।