Tuesday, May 26, 2026
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भारत के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद : केंद्र

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नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि देश के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद है, जो कि कुल स्टोरेज क्षमता का 64 प्रतिशत है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (आईएसपीआरएल) नामक एक विशेष इकाई के माध्यम से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तीन स्थानों पर 5.3 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कच्चे तेल की कुल क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) सुविधाएं स्थापित की हैं, जो अल्पकालिक आपूर्ति संकटों के लिए बफर के रूप में कार्य कर सकती हैं।

मंत्री ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में स्थित इन भंडारों में उपलब्ध कच्चे तेल की सटीक मात्रा बाजार की स्थितियों के आधार पर बदलती रहती है। वास्तविक भंडार एक गतिशील संख्या है जो स्टॉक और वास्तविक खपत पर निर्भर करती है और ये दोनों ही स्थिर नहीं हैं। वर्तमान में, आईएसपीआरएल के पास लगभग 3.372 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64 प्रतिशत है।

उन्होंने आगे बताया कि जुलाई 2021 में सरकार ने ओडिशा और कर्नाटक में कुल 6.5 मिलियन मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाली दो अतिरिक्त वाणिज्यिक-सह रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार सुविधाओं की स्थापना को भी मंजूरी दी थी।

मंत्री ने आगे कहा कि कच्चे तेल की आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी एक क्षेत्र से कच्चे तेल पर निर्भरता के जोखिम को कम करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र के तेल और गैस उद्यम (पीएसई), जो बोर्ड द्वारा संचालित संस्थाएं हैं, अपनी तकनीकी और व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न स्रोतों से कच्चा तेल प्राप्त करते हैं। वर्तमान में, ये पीएसई मध्य पूर्व के पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं जैसे इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर के अलावा, अमेरिका, नाइजीरिया, अंगोला, कनाडा, कोलंबिया, ब्राजील और मैक्सिको जैसे नए आपूर्तिकर्ताओं सहित 41 देशों से कच्चा तेल आयात करते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने के बाद, जिससे विश्व के 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात का होता है, भारत ने मध्य पूर्व के अलावा अन्य स्रोतों से अपने तेल और गैस आयात में विविधता लाई है। अब देश के तेल आयात का लगभग 70 प्रतिशत खाड़ी देशों के बाहर के देशों से आ रहा है।