मुंबई, 23 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्षों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कीमती धातुओं (सोने-चांदी) में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका-ईरान युद्ध में तनाव बढ़ने के कारण सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया, जिससे शेयर बाजार समेत कमोडिटी मार्केट में गिरावट देखी गई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,39,569 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड की कीमत 1,47,218 रुपए थी। यानी एक ही दिन में सोने के भाव में 7,649 रुपए की गिरावट आई।
वहीं, यदि चांदी की बात करें तो आईबीजेए के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,19,260 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गया, जो बीते शुक्रवार को 2,32,364 रुपए प्रति किलोग्राम था। यानी एक ही दिन में चांदी का भाव 13,104 रुपए प्रति किलो कम हो गया।
बता दें कि आईबीजेए पर पिछले शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड का भाव 1,47,218 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,32,364 रुपए प्रति किलोग्राम था।
वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 5.28 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 3.55 प्रतिशत यानी 5,133 रुपए गिरकर 1,39,359 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 2.81 प्रतिशत यानी 6,383 रुपए की गिरावट के साथ 2,20,389 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
सोमवार को 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 1,40,158 रुपए पर खुलने के बाद एक समय 1,40,659 रुपए के उच्चतम स्तर तो एक समय 1,29,595 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंच गया।
वहीं, 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी 2,17,702 रुपए पर खुलने के बाद एक समय 2,23,967 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर थी, तो एक समय 1,99,643 रुपए प्रति किलो के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच पिछले कुछ समय से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण मुद्रास्फीति के नए सिरे से पनपे डर ने निकट भविष्य में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को झटका दिया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के शुरू होने के बाद पिछले तीन हफ्तों में इससे अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व और दुनिया भर के अन्य केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के कारण, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और अमेरिकी मुद्रा अन्य परिसंपत्तियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। यही कारण है कि अमेरिका-ईरान युद्ध बढ़ने के बावजूद सोने और चांदी की कीमतें गिर रही हैं। ये मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित हैं। दूसरी ओर, मुद्रास्फीति की आशंकाओं के कारण बाजार दबाव में है, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के कारण सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है।

