लखनऊ, 23 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में शहरी विकास को नई गति देने के साथ बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि नवयुग पालिका योजना के तहत 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों के समग्र विकास, सिद्धार्थनगर में नार्थ-साउथ कॉरिडोर सड़क चौड़ीकरण, बलरामपुर में रेल उपरिगामी सेतु निर्माण और बागपत में चीनी मिल की क्षमता विस्तार जैसे निर्णयों पर मुहर लगाई गई।
बैठक में ‘नवयुग पालिका योजना’ को स्वीकृति देते हुए सरकार ने नगर निगमों से इतर जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का रोडमैप तय किया है। योजना के अंतर्गत 55 नगरपालिका परिषदों और 3 नगर पंचायतों समेत कुल 58 निकायों का चयन किया गया है। इन शहरों में स्मार्ट सिटी की आधारभूत संरचनाओं का बहुउद्देशीय उपयोग कर डिजिटल गवर्नेंस, ईज ऑफ लिविंग और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार इस योजना पर प्रति वर्ष 583.20 करोड़ रुपए और पांच वर्षों में कुल 2916 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना होगी, जिसकी अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक निर्धारित की गई है।
कैबिनेट ने सिद्धार्थनगर जनपद में बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग (लंबाई 9.4 किमी) को नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत चार लेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। लगभग 26149.63 लाख रुपए की लागत वाली इस परियोजना से पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आवागमन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा बलरामपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर गोण्डा-बलरामपुर रेल खंड के बीच स्थित समपार संख्या-136 पर दो लेन के रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। करीब 29221.35 लाख रुपए की लागत से बनने वाला यह सेतु शहर में लगने वाले जाम से राहत देगा और यातायात को सुगम बनाएगा। वहीं, बागपत की सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता को 2500 टीसीडी से बढ़ाकर 5000 टीसीडी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है, जिससे गन्ना किसानों को लाभ और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलने की संभावना है।

