पीरियड्स के दर्द से हैं परेशान? इन आसान घरेलू उपायों से मिलेगा आराम

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नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द यानी लगभग हर लड़की और महिला की आम समस्या है। किसी को हल्का दर्द होता है तो किसी को इतना तेज कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, कमर दर्द, थकान, सिरदर्द या कभी-कभी मतली जैसी दिक्कतें भी साथ में हो सकती हैं। ऐसे में हर बार दवा लेना जरूरी नहीं, कुछ आसान घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करके भी काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

सबसे पहले तो खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। पीरियड्स के दौरान ठंडी और भारी चीजें खाने से बचें। गर्म, हल्का और ताजा खाना लें। घी से बनी चीजें या हल्का गरम खाना शरीर को आराम देता है। कोशिश करें कि गैस बनाने वाली चीजें जैसे आलू, चना या ज्यादा तली-भुनी चीजें इस दौरान न खाएं, क्योंकि ये पेट में सूजन और दर्द बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है, इसलिए गुनगुना पानी पीते रहें।

घरेलू नुस्खों की बात करें तो अजवाइन, सौंफ, मेथी, जीरा और दालचीनी का काढ़ा काफी फायदेमंद माना जाता है। आप इन सबको पानी में उबालकर दिन में 2-3 बार थोड़ा-थोड़ा पी सकते हैं। यह न केवल दर्द को कम करता है बल्कि पेट को भी आराम देता है। साथ ही, अदरक वाली चाय भी पीरियड्स के दर्द में राहत दे सकती है।

दर्द से राहत पाने का एक और आसान तरीका है गर्म सिकाई। पेट के निचले हिस्से पर 10-15 मिनट के लिए गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड रखें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द कम होता है। इसके अलावा, सरसों या नारियल तेल को हल्का गर्म करके पेट के निचले हिस्से, कमर और जांघों पर हल्की मालिश करना भी काफी राहत देता है।

सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि आपकी दिनचर्या भी बहुत मायने रखती है। रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, वॉक या योग करने से शरीर एक्टिव रहता है और पीरियड्स के दौरान दर्द कम महसूस होता है। प्राणायाम और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज तनाव को कम करते हैं, जिससे दर्द का असर भी कम हो जाता है। साथ ही, पर्याप्त नींद और आराम लेना भी जरूरी है।

एक और जरूरी बात है कि कब्ज से बचें, क्योंकि कब्ज होने पर पेट का दबाव बढ़ता है और दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। इसलिए फाइबर युक्त खाना खाएं और पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।

हालांकि ये सभी उपाय काफी मददगार होते हैं, लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, बार-बार हो या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।