ईरान के साथ तनाव पर चर्चा के लिए सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्री पहुंचेंगे पाकिस्तान

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इस्लामाबाद, 28 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने के लिए मध्यस्थता करने की पहल की, हालांकि पाकिस्तान खुद अफगानिस्तान के साथ खुद अपने झगड़े नहीं सुलझा पा रहा है, लेकिन उसने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कराने के लिए मध्यस्थता की बात कही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान 29-30 मार्च को सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्रियों की मेजबानी करेगा।

सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र देशों के विदेश मंत्रियों की पाकिस्तान में इस बैठक के दौरान ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच इलाके में चल रहे तनाव को कम करने की कोशिशों समेत कई मुद्दों पर गहरी बातचीत होगी।

शनिवार को जारी एक प्रेस रिलीज में विदेश मंत्रालय ने कहा कि डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार के बुलावे पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलती 29 मार्च से 30 मार्च तक इस्लामाबाद आएंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “इस दौरे पर विदेश मंत्री कई मुद्दों पर गहरी बातचीत करेंगे, जिसमें इलाके में तनाव कम करने की कोशिशें भी शामिल हैं। इसके साथ ही सभी देशों के मंत्री पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मिलेंगे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, “पाकिस्तान सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र जैसे भाईचारे वाले देशों के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। यह दौरा आपसी हितों के कई क्षेत्रों में इन देशों के साथ पाकिस्तान के सहयोग और तालमेल को और मजबूत करने का मौका देगा।”

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की एक विस्तृत शृंखला पर व्यापक चर्चा में शामिल होंगे। बैठक शांति और संघर्ष को कम करने को बढ़ावा देने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित होगा।”

पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट डॉन के अनुसार, यह बातचीत पहले तुर्किए में होने वाली थी, हालांकि बाद में बैठक इस्लामाबाद में आयोजित करने पर मुहर लगी। ईरान-अमेरिका की बातचीत की प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका बढ़ रही है। इन सबके बीच पाकिस्तानी पीएम ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ एक घंटे तक बात की। यह बातचीत तुर्किए, मिस्र, सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत कई क्षेत्रीय ताकतों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग से एक दिन पहले हुई है।