अमरावती, 28 मार्च (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश विधानसभा में अमरावती को लेकर हुई चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भावुक भाषण दिया। उन्होंने किसानों की तस्वीरें दिखाते हुए आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार के समय अमरावती के लिए जमीन देने वाले किसानों पर हमले किए गए और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ।
उन्होंने कहा कि कई महिलाएं और किसान, जो आमतौर पर घर से नहीं निकलते थे, अपने बच्चों के भविष्य के लिए आगे आए और उन्होंने स्वेच्छा से अपनी जमीन दी। यह प्रक्रिया एन. चंद्रबाबू नायडू की सरकार के दौरान शुरू हुई थी, लेकिन बाद में जब अमरावती के विकास कार्य रुके, तो किसानों ने विरोध किया और मुआवजे की मांग की। इस दौरान पुलिस द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप भी लगाए गए।
पवन कल्याण ने उस समय की स्थिति को ‘युद्ध जैसे हालात’ बताते हुए कहा कि कई किसान न्याय की मांग लेकर उनकी पार्टी जन सेना पार्टी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने खुद पीड़ित किसानों से मुलाकात की, जिनमें दलित किसान भी शामिल थे, जो अपनी पीड़ा सही तरीके से बयान भी नहीं कर पा रहे थे।
उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के बाद उनकी पार्टी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा, जो उस समय गठबंधन का हिस्सा थी। पवन कल्याण ने दोहराया कि गठबंधन का फैसला स्पष्ट है। आंध्र प्रदेश की केवल एक ही राजधानी होगी और वह अमरावती ही होगी।
अमरावती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्य के आईटी और एचआरडी मंत्री नारा लोकेश ने जगन मोहन रेड्डी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन ने 2019 में सत्ता में आने से पहले राजधानी को लेकर झूठे वादे किए थे।
नारा लोकेश ने कहा कि जगन मोहन रेड्डी ने पहले भरोसा दिलाया था कि वह अमरावती क्षेत्र में अपना घर बनाएंगे और राजधानी को कहीं और नहीं ले जाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने भी अमरावती को स्थायी राजधानी बताया था। लेकिन 151 सीटें जीतने के बाद उन्होंने अपना रुख पूरी तरह बदल लिया और तीन राजधानियों का प्रस्ताव पेश किया।
मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अमरावती के विकास को नुकसान पहुंचाया और कोई बड़ा प्रोजेक्ट या उद्योग राज्य में नहीं लाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां विकास नहीं हुआ, वहीं एक व्यक्ति के लिए 700 करोड़ रुपए खर्च कर “महल” बनाया गया।
कुरनूल को न्यायिक राजधानी बनाने के प्रस्ताव पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि वहां एक भी बेंच स्थापित नहीं की गई, जिससे यह केवल एक भ्रामक वादा साबित हुआ।
नारा लोकेश ने कहा कि इन फैसलों से जनता को गुमराह किया गया, यही कारण है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सीटें 151 से घटकर 11 रह गईं। उन्होंने मांग की कि जगन मोहन रेड्डी अमरावती के किसानों और आंध्र प्रदेश की जनता से माफी मांगें।




