बिहार में एक करोड़ गरीबों को मिलेगा पक्का घर, सत्यापन का कार्य पूरा: मंत्री श्रवण कुमार

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पटना, 30 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में अब उन गरीब परिवारों का भी सपना पूरा होने वाला है, जो अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई जी) के तहत पक्के मकान से वंचित थे।

बिहार ग्रामीण विकास विभाग ने आवास प्लस 2.0 के तहत नए लाभार्थियों का सर्वे और सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया है। अब सरकार जल्द ही प्राथमिक सूची तैयार कर लोगों को घर देने की प्रक्रिया शुरू करेगी। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की मानें तो हाल ही में राज्य में एक करोड़ चार लाख परिवारों का नाम प्रतीक्षा सूची में जोड़ने के साथ ही इनका सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। लाभुकों को प्राथमिकता सूची के आधार पर आवास का लाभ दिया जाना तय है।

वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच 36 लाख 61 हजार गरीब परिवारों को पक्का मकान दिया गया था। बिहार ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच दो लाख 88 हजार 743 परिवारों को पक्का घर दिया गया है। इस तरह से देखा जाए तो राज्य में वर्ष 2016-17 से अभी तक कुल 39 लाख 49 हजार 743 गरीब परिवारों को पक्के मकान का तोहफा दिया जा चुका है।

योजना के क्रियान्वयन में सरकार को 53 हजार 952 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभुकों को अलग-अलग तीन किस्तों में एक लाख 54 हजार 950 रुपये की राशि दी जाती है। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि पीएम आवास योजना से गरीबों की जिंदगी तेजी से बदल रही है। पक्का घर मिलने से लोगों का जीवन ज्यादा सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है। ग्रामीण विकास विभाग ने गरीबों को जितना आवास बिहार में दिया है, उतना किसी राज्य में नहीं है।

उन्होंने बताया कि एक करोड़ चार लाख से भी अधिक नए लाभुकों का नाम प्रतीक्षा सूची से जोड़ा गया है। सर्वे और सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। सूची स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजी गई है। सूची स्वीकृत होने के तुरंत बाद आवास देने का काम शुरू किया जाएगा।