गूगल ने भारत में एआई स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च किया 2026 का एक्सेलेरेटर प्रोग्राम, आवेदन शुरू

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    नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। टेक दिग्गज गूगल ने मंगलवार को भारत में अपने ‘स्टार्टअप्स एक्सेलेरेटर’ के 2026 बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह तीन महीने का इक्विटी-फ्री प्रोग्राम है, जिसका उद्देश्य देश के एआई आधारित स्टार्टअप्स को सहयोग देना है।

    गूगल इंडिया के अनुसार, यह एक्सेलेरेटर खासतौर पर उन भारतीय स्टार्टअप्स को लक्षित कर रहा है जो एजेंटिक एआई, मल्टीमॉडल एआई, फिजिकल एआई और सॉवरेन एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार, अब एआई का उपयोग केवल प्रयोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बड़े स्तर पर काम करने वाले समाधानों की ओर बढ़ रहा है।

    गूगल ने बताया कि यह प्रोग्राम उन एआई-फर्स्ट स्टार्टअप्स के लिए खुला है जो सीड से लेकर सीरीज ए स्टेज तक हैं और भारत से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं या वैश्विक इंडस्ट्री के लिए खास मॉडल विकसित कर रहे हैं।

    2026 बैच के तहत स्टार्टअप्स को बिना इक्विटी दिए कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें गूगल के एडवांस एआई मॉडल्स जैसे जेमिनी, जेम्मा, इमेजन, वीओ और लिरिया तक पहुंच और तकनीकी सहयोग शामिल है।

    इसके अलावा, स्टार्टअप्स को गूगल डीपमाइंड, क्लाउड, हेल्थ और एंड्रॉयड टीम्स के एक्सपर्ट्स से वन-ऑन-वन मेंटरशिप भी मिलेगी। साथ ही क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, टीपीयू और क्रेडिट्स का लाभ भी पात्रता के आधार पर दिया जाएगा।

    यह प्रोग्राम स्टार्टअप्स को साप्ताहिक ट्रैकिंग और समर्पित मैनेजर्स के जरिए प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और ग्रोथ से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।

    पिछले बैचों में इस प्रोग्राम के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। डीव्यू जैसे स्टार्टअप्स ने राजस्व में चार गुना वृद्धि दर्ज की, जबकि सुपरजॉइन ने जेमिनी 3.0 की मदद से अपनी सटीकता और स्पीड में 50 प्रतिशत सुधार किया। वहीं, पल्स ने डेटा एनालिसिस के जरिए 30 लाख डॉलर के जोखिम वाले राजस्व की पहचान की।

    कई स्टार्टअप्स ने एआई के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान भी किया है।

    एआईस्टेथ ने एक स्मार्ट स्टेथोस्कोप तैयार किया, जिससे 75,000 से ज्यादा मरीजों की जांच की गई। वानी एआई ने वॉइस प्रोसेसिंग को बेहतर बनाया, जबकि रेजिलिएंस एआई और वीडियोएसडीके ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में दक्षता बढ़ाई।

    यह एक्सेलेरेटर प्रोग्राम जून के आखिर में बेंगलुरु में एक सप्ताह के बूटकैंप के साथ शुरू होगा और अक्टूबर में ‘डेमो डे’ के साथ समाप्त होगा। इसके अलावा, आवेदन 19 अप्रैल को बंद हो जाएंगे।