बिहार: क्षेत्रीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र रहा है मघड़ा शीतला माता मंदिर, व्यवस्था की रही है कमी

0
4

बिहार शरीफ, 31 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा स्थित प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर में भगदड़ मचने से आठ श्रद्धालुओं की मौत और कई लोग घायल हो गए। पुलिस भी इस भगदड़ की घटना की जांच के दौरान मानती है कि मंदिर और मंदिर के आसपास व्यवस्था की कमी रही है। हालांकि, भगदड़ की घटना के पीछे मुख्य कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।

दरअसल, यह मंदिर स्थानीय तौर पर ही नहीं, क्षेत्रीय तौर पर लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। यहां प्रत्येक मंगलवार को लोगों की भारी भीड़ लगती है। यहां पटना और आसपास के जिले के लोग भी मंगलवार को पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, काफी प्राचीन समय से यह आस्था का केंद्र रहा है। सिद्धपीठ शीतला मंदिर प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है तथा मेला जैसा नजारा रहता है। मां के प्रांगण में रामनवमी के अवसर पर ध्वजा स्थापित करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।

मान्यता यह भी है कि इनके दरबार में आने वाले हर कोई दुखियारे की मन्यता पूरी होती है। इधर, भले ही इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन व्यवस्था की कमी बताई जाती है। बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार भी भगदड़ की घटना के बाद इसे स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में जो व्यवस्था है, उसमें काफी कमियां हैं। मंदिर से निकलने और प्रवेश के लिए भी काफी कुछ करने की जरूरत है।

उन्होंने माना कि जिस तरह से भीड़ होती है उसके नियमन के लिए निश्चित रूप से आज व्यवस्था रहनी चाहिए थी, लेकिन वह नहीं थी। इसके लिए थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कोई स्थानीय तौर पर नहीं, क्षेत्रीय स्तर पर इस मंदिर की मान्यता है और लोगों की आस्था है। ऐसी स्थिति में उस स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रबंधन में भी सुधार की जरूरत है। भीड़ अगर जुटी थी तो कई और व्यवस्थाएं होनी चाहिए थीं।

उन्होंने कहा कि न्यास परिषद के अध्यक्ष रणबीर नंदन से चर्चा की बात बताते हुए कहा कि जहां हजारों की भीड़ जुटती है, वहां प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय लोगों द्वारा पुजारियों पर दक्षिणा के लालच में श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रोकने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।