अमरावती को आंध्र की राजधानी के तौर पर कानूनी दर्जा देने वाला बिल आज संसद में पेश होगा

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नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी के तौर पर वैधानिक दर्जा देने वाला बिल बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2026 लोकसभा में पेश किया जाएगा।

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में संशोधन किया जाएगा ताकि अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के तौर पर मान्यता मिल सके। अधिनियम की धारा 5 की उप-धारा (2) में संशोधन किया जाएगा, जिसमें ‘और एक नई राजधानी होगी’ शब्दों की जगह ‘और अमरावती नई राजधानी होगी’ जोड़ा जाएगा।

प्रस्तावित संशोधन की व्याख्या के अनुसार, ‘अमरावती’ शब्द में वे राजधानी शहर क्षेत्र शामिल हैं जिन्हें आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2014 के प्रावधानों के तहत अधिसूचित किया गया है। यह संशोधन 2 जून, 2024 से लागू माना जाएगा।

विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण में यह उल्लेख किया गया है कि आंध्र प्रदेश की विधानसभा ने 28 मार्च, 2026 को एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से उक्त अधिनियम की धारा 5 में संशोधन करने का अनुरोध किया गया था, ताकि आंध्र प्रदेश के उत्तराधिकारी राज्य की नई राजधानी के रूप में ‘अमरावती’ नाम को शामिल किया जा सके।

इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य आंध्र प्रदेश की राजधानी के संबंध में कानूनी स्पष्टता प्रदान करना है। राज्य में टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार इस दिशा में काम कर रही है, और 28 मार्च को विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिससे इस विधेयक के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया।

विशेष सत्र के दौरान पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि वह अमरावती को राज्य की एकमात्र राजधानी शहर घोषित करे और इसकी अधिसूचना जारी करे।