Sunday, July 5, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति राहुल गांधी ने वंदे मातरम का अपमान किया : संजय उपाध्याय

राहुल गांधी ने वंदे मातरम का अपमान किया : संजय उपाध्याय

0
25

मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वंदे मातरम का तिरस्कार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब एक कार्यक्रम में सभी लोग वंदे मातरम के सम्मान में खड़े थे, तो उस वक्त राहुल गांधी बैठे हुए थे। यह पूरी तरह से वंदे मातरम का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा से ही वंदे मातरम को सम्मान दिया है। यह 150 साल पुराना राष्ट्रगीत है। जिसे हर कार्यक्रम में चलाया जाता है और इसके सम्मान में सभी लोग खड़े होते हैं। अफसोस की बात है कि राहुल गांधी ने इस सम्मान देना जरूरी नहीं समझा। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के दौरान राहुल गांधी का खड़ा नहीं होना, शहीदों का अपमान है। वंदे मातरम को बोलकर कई शहीदों ने फांसी लगा ली थी। कई लोगों ने फांसी के फंदे को चूम लिया था। वंदे मातरम का गीत बोलने पर रोम-रोम रोमांचित हो जाता है। शरीर के अंदर देशभक्ति उभरने लगती है। ऐसे में इस गीत का अपमान करके राहुल गांधी ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया है कि उनकी आस्था इस गीत में नहीं है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का प्रेम इस देश के प्रति बिल्कुल भी नहीं है। उनका झुकाव हमेशा से ही चीन की तरफ रहा है और उनका झुकाव पाकिस्तान की तरफ रहा है। वो हमेशा से ही देश से जुड़ी संस्थाओं का अपमान करते हैं। वो देश से जुड़े पुराने स्मृतियों का अपमान करते हैं। वंदे मातरम हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है, जिसे 150 साल पूरे हो चुके हैं। इसे देखते हुए सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान यह बात उजागर हो चुकी है कि कांग्रेस का झुकाव नक्सलवाद के प्रति रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को खत्म करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। इस प्रतिबद्धता से प्रधानमंत्री के मजबूत इरादे साफ जाहिर होते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं गृह मंत्री अमित शाह का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने ना केवल नक्सलवाद को खत्म करने की बात कही बल्कि उसे बाकायदा खत्म करके भी दिखाया है।

उन्होंने बंगाल में अधिकारियों के तबादले को लेकर कहा कि चुनाव के बाद कहीं पर भी अधिकारियों के तबादले का अधिकार विशुद्ध रूप से चुनाव आयोग का होता है। किसी भी राज्य में चुनाव के ऐलान के बाद अगर चुनाव आयोग को अधिकारियों के तबादले की जरूरत महसूस होती है, तो उसे तबादला करने का पूरा अधिकार है।